बुखार, कफ, गले में खराश, सांस में दिक्कत और थकान महसूस हो रही है तो बिना समय गवाएं तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये लक्षण गंभीर बीमारी डिप्थीरिया के लक्षण हो सकते हैं। उड़ीसा में डिप्थीरिया का कहर बरप रहा है। यहां इस बीमारी से होने वाले इंफेक्शन के कारण पांच लोगो की मौत हो चुकी है। वहीं 18 नए मामले भी सामने आये हैं।
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इस इंफेक्शन की रोकथाम करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक टीकाकरण का अभियान चलाया है. डिप्थीरिया से जुड़ी बातों को समझना बहुत जरूरी है। डिप्थीरिया एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है जो कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह बैक्टीरिया नाक के रास्ते गले और सांस की नली में अटैक करती है। इसके बाद बॉडी में जाकर एक जहर छोड़ती है। जो गले में ग्रे टिश्यू बनाने लगता है।
डिप्थीरिया की बीमारी एक खतरनाक बीमारी है जो कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। डिप्थीरिया रोग के शुरुआती लक्षण बुखार, कफ, गले में खराश, सांस में तकलीफ, थकान, नाक से लगातार पानी आना है।
डिप्थीरिया का इंफेक्शन छूने से भी फैलता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूषित वस्तुओं, जैसे कि कपड़े या बर्तन को छूने से दूर रहना चाहिए।
बचाव के उपाय
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डिप्थीरिया से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है टीकाकरण। इसके अलावा नियमित रूप से हाथ धोना और दूषित वस्तुओं से बचना भी महत्वपूर्ण है। बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को जरूर ढकें।