तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके संसदीय क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। इस घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस दीपांकर दत्ता (Justice Dipankar Datta) की पुरानी टिप्पणियों को याद करते हुए उन पर तीखा कूटनीतिक तंज भी कसा है।
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके संसदीय क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। इस घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस दीपांकर दत्ता (Justice Dipankar Datta) की पुरानी टिप्पणियों को याद करते हुए उन पर तीखा कूटनीतिक तंज भी कसा है।
Big shout out to Hon’ble Justice Dipankar Datta ! MiLord – I came to my constituency for a mtng informing @WBPolice & BJP workers with their help pelted eggs on me. True to your advice I faced them as a freedom fighter faced bullets. pic.twitter.com/CxO3ApzjPL
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 16, 2026
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन पर अंडे फेंके गए दिखाई दे रहे हैं।
‘स्वतंत्रता सेनानियों की तरह अंडों का सामना किया’
Hello @DGPWestBengal @WBPolice these were the BJP wallahs throwing eggs & shouting “Hindu Virodhi Mahua Dur Hato” – each face is visible. You will of course register FIR against “Unknown Persons” ! Jai Shri Ram indeed! pic.twitter.com/Ga8IqeoNrs
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 16, 2026
महुआ मोइत्रा ने जस्टिस दीपांकर दत्ता की पुरानी नसीहत का जिक्र करते हुए ‘X’ पर लिखा कि “आदरणीय जिस्टिस दीपांकर दत्ता को बहुत-बहुत बधाई! ‘माय लॉर्ड’- मैं अपने संसदीय क्षेत्र में एक मीटिंग के लिए आई थी और पश्चिम बंगाल पुलिस को भी सूचित किया था, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मदद से मुझ पर अंडे फेंके। आपकी सलाह पर अमल करते हुए, मैंने उनका सामना वैसे ही किया जैसे एक स्वतंत्रता सेनानी गोलियों का सामना करता है।
क्या था सुप्रीम कोर्ट का पूरा मामला?
दरअसल, यह विवाद महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज एक ‘हेट स्पीच’ (भड़काऊ भाषण) मामले से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा को पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। मोइत्रा ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने तर्क दिया था कि महुआ को वर्चुअल मीडियम से पुलिस के सामने पेश होने की अनुमति दी जाए, क्योंकि पुलिस स्टेशन जाने पर उन पर अंडे फेंके जाने और हमला होने की आशंका है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता भी शामिल थे, ने महुआ की इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था और उन्हें पुलिस जांच का सामना करने को कहा था। अब अपने ऊपर हुए ताजा हमले के बाद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के उसी रुख और टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए बंगाल की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।