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छतरपुर गोलीकांड: शालिग्राम गर्ग को हाई कोर्ट से जमानत, 50 हजार के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर रिहाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से प्रदेश के चर्चित छतरपुर गोलीकांड मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को राहत मिली है। जबलपुर स्थित हाई कोर्ट की एकलपीठ ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है।

By Sushil Sah 
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मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से प्रदेश के चर्चित छतरपुर गोलीकांड मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को राहत मिली है। जबलपुर स्थित हाई कोर्ट की एकलपीठ ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है।

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह मामला छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में जुलाई 2026 में हुए विवाद से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, शालिग्राम गर्ग पर मोतीलाल कुशवाहा पर कथित जानलेवा हमला करने और फायरिंग करने का आरोप है। वहीं पुलिस ने इस मामले में शालिग्राम गर्ग को 15 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद शालिग्राम गर्ग की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन 31 अगस्त 2026 को जिला अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद बचाव पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट में क्या हुआ?

इस मामले के हाई कोर्ट में जाने के बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को गलत बताते हुए कहा गया कि शालिग्राम गर्ग को पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाया गया है। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत याचिका मंजूर कर दी। बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद अब 50 हजार रुपये के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जमानत के साथ उन्हें ट्रायल में सहयोग करने की शर्त भी दी गई है।

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हालांकि, जमानत मिलना आरोपों से बरी होना नहीं है। छतरपुर गोलीकांड से जुड़े आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। साथ ही इस मामले का अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान होगा।

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