Diwali 2024 : हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली (Diwali) इस साल 31 अक्टूबर को मनायी जाएगी। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाने वाली दीपावली (Diwali) के दिन मां लक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाता है। मां लक्ष्मी को धन और संपत्ति की देवी माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक, मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप हैं। जिन्हें अष्ट लक्ष्मी कहा जाता है। इनके आठों स्वरूपों के अलग-अलग अर्थ होते हैं और इनकी पूजा करने से अलग-अलग फल मिलते हैं। इनके नाम इस प्रकार है: आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, सन्तानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, भाग्य लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी। कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी के इन स्वरुपों की पूजा करने से जल्द ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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आदिलक्ष्मी
इन्हें मूल लक्ष्मी या महालक्ष्मी भी कहा जाता है। श्रीमद्भागवत पुराण के मुताबिक, आदि लक्ष्मी ने ही सृष्टि की रचना की थी।
धान्यलक्ष्मी
इन्हें मां अन्नपूर्णा का रूप माना जाता है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए अनाज या खाने का अनादर नहीं करना चाहिए।
गजलक्ष्मी
इन्हें कृषि और उर्वरता की देवी माना जाता है।
संतान लक्ष्मी
इन्हें स्कंदमाता के नाम से भी जाना जाता है।