Diwali 2026 : सनातन धर्म मान्यता है कि दीवाली के दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, दीवाली पर घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न (पदचिह्न) लगाना एक बेहद पवित्र और फलदायी परंपरा है। इसका मुख्य कारण मां लक्ष्मी के घर में आगमन का संकेत देना और सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करना है। हिंदू पौराणिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कई गहरे आध्यात्मिक और व्यावहारिक कारण हैं:
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मुख्य द्वार को घर का सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग माना जाता है। प्रवेश द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न बनाना इस बात का प्रतीक है कि आप सच्चे मन और श्रद्धा से देवी लक्ष्मी को अपने घर में आमंत्रित कर रहे हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर पवित्र चिह्न जैसे स्वास्तिक, ओम या मां लक्ष्मी के चरण लगाने से घर के भीतर नकारात्मक शक्तियां या बुरी ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पातीं। यह घर के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाए रखता है।
दिशा का ध्यान (अंदर की ओर)
चरण चिह्न हमेशा इस तरह लगाने चाहिए जैसे मां लक्ष्मी बाहर से घर के अंदर की तरफ आ रही हों। चरणों की उंगलियां घर के अंदर की तरफ होनी चाहिए, बाहर की तरफ नहीं (बाहर की तरफ मुख होने का मतलब देवी का घर से जाना माना जाता है)।