आजकल लोग घर की साफ सफाई और सजावट के साथ साथ खुशबू पर भी ध्यान देते है। जिसके लिए तमाम तरह के रुम फ्रेशनर या एयरफ्रेशनर्स का इस्तेमाल करते है। ताकि घर में ताजगी और खुशबू बनी रहे।
पढ़ें :- Health Tips : एक महीना बिना प्याज और लहसुन का प्रयोग न करने से शरीर में क्या होता है बदलाव? जानें इसका नफा-नुकसान
क्या आप जानते ये एयर फ्रेशनर्स आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकते है। एक नई स्टडी के अनुसार घरों के बिस्तर में इन केमिकल्स के जहरीले तत्व चिपक जाते है जिससे बच्चों को कैंसर हो सकता है।
एक स्टडी में दावा किया गया है कि केमिकल्स के संपर्क में छोटे बच्चे जिनकी उम्र छह महीने से चार साल तक होती है, उन्हें गद्दे से निकलने वाले हानिकारक तत्व टारगेट करते है।इस स्टडी को कनाडा की यूनिर्वसिटी ऑफ टोरंटो की एक टीम ने की थी। रिसर्च में बताया गया है कि गद्दों में इन स्प्रे के तत्व जम जाते है और हवा का आना जाना न होने के कारण भी इसका बुरा असर पड़ता है।
स्प्रे में फ्लेम रिटार्डेंट्स मिलाया जाता है तारि आग न लग सके। मगर यह तत्व बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक होता है। यह तत्व हार्मोंस को डिस्टर्ब करता है। जिसकी वजह से मोटापा, एलर्जी और दिमागी विकास में बुरा असर पड़ता है।
इसके अलावा इसमें फ्थेलेट्स का इस्तेमाल किया जाता है। प्लास्टिक को मुलायम और लचीला बनाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। यह तत्व बच्चों को थायराइड का मरीज बना सकती है। इससे बच्चों का आइक्यू लेवल भी कम हो सकती है।
पढ़ें :- गोंद कतीरा क्यों कहते हैं गर्मियों का सुपरफूड? शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने में होता है मददगार
UV फिल्टर्स भी मिलाया जाता है। ये कंपाउंड्स सूरज की किरणों से सुरक्षा देने में सक्षम होते हैं, लेकिन ये तत्व बच्चों की सेहत को हार्म कर सकते हैं। इसका असर बच्चों के शरीर पर कई प्रकार से हो सकता है, जैसे कि मेंटल हेल्थ की समस्या होना या फिर रेस्पिरेटरी इंफेक्शन। रिसर्च के मुताबिक, इस बात की भी पुष्टि की गई है कि महंगे और क्वालिटी वाले गद्दे भी इन रसायनों की चपेट में आ सकते हैं।