Dr. Vikas Divyakirti: काम करो ऐसा कि एक पहचान बन जाए, हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए…ये लाइनें डॉ. विकास दिव्यकीर्ति पर बिल्कुल ही सटीक बैठती हैं। उन्होने कुछ ऐसा किया कि आज लाखों अभ्यार्थियों के दिलों और दिमाग में अपनी जगह बना ली है। उनके द्वारा कही कई हर लाइन को अभ्यार्थी अपने जीवन में उताराना चाहता है। यूपीएसी (UPSC) या किसी अन्य कंपटीशन एग्जाम की तैयारी करने वाले अभ्यार्थी ही नहीं देश में बड़ी संख्या में लोग उनकी कही बातों पर विशेष गौर करते हैं। उनके वीडियो भी आए होंगे और आपमें से कई लोग उनके पढ़ाने के अंदाज को देखकर उनके मुरीद बन गए होंगे। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में उनके फॉलोअर्स हैं। यूपीएससी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को वे बड़े ही सहज और सरल अंदाज में किसी भी विषय के बारे में जानकारी देते हैं। किसी भी विषय को सिखाने का उनका यही अनोखा अंदाज और सेंस ऑफ ह्यूमर उन्हें अभ्यार्थियों का सबसे पसंदीदा बनाता है।
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इनके बारे में जानिए
हरियाणा के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ‘दृष्टि आईएएस’ कोचिंग के संस्थापक हैं। इनका जन्म 26 दिसंबर 1973 को हुआ था। बचपन से ही उनको हिंदी से खासा लगाया था। दरअसल, उनके माता—पिता दोनों हिंदी साहित्य के प्रोफ्रेसर रहे चुके हैं। इसके साथ ही मनोविज्ञान, सिनेमा, सामजिक मुद्दों के साथ ही राजनीतिक मुद्दों पर भी उनकी काफी रूचि है। इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में एमए, एमफिल और पीएचडी की है। इसके अलावा, ये दिल्ली विश्वविद्यालय और भारतीय विद्या भवन से अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं।
1996 में UPSC परीक्षा पास की
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने शिक्षक के रूप में अपने कैरियर की शुरूआत की। इन्होंने साल 1996 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी। यूपीएसी की परीक्षा पास करने के बाद इनको पहली तैनाती केंद्रीय गृह मंत्रालय में मिली लेकिन इन्होंने ज्यादा दिनों तक नौकरी नहीं की और इस्तीफा दे दिया। इसके बाद इन्होंने ‘दृष्टि आईएएस’ कोचिंग की नींव रखी। इसका मुख्यालय मुखर्जी नगर, दिल्ली में है। इसके बाद देशभर में कई जगहों पर आज ‘दृष्टि आईएएस’ की ब्रांच खुल चुकी है।
सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की फैन फालोइंग सोशल मीडिया पर भी खूब है। लाखों की संख्या में इनके फॉलोअर्स हैं। इनकी हर वीडियो को खूब देखा जाता है। सोशल मीडिया पर इनके पढ़ाने के अंदाज के साथ ही इनकी रील भी खूब वायरल होती हैं। अभ्यार्थियों के साथ ही आम लोग भी इनकी कही बातों को गंभीरता से सुनते हैं।
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अद्वितीय शिक्षण शैली के कायल हैं अभ्यार्थी
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के अद्वितीय शिक्षण शैली के अभ्यार्थी कायल हैं। उनका मानना है कि उनकी शिक्षण की अनूठी शैली ही उनकी बढ़ती लोकप्रियता का कारण है। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर, सरल व्यक्तित्व, शांत स्वभाव और हिंदी भाषी छात्रों के लिए उनके प्यार और समर्थन से उम्मीदवार कभी भी ऊब नहीं सकते हैं।