Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. भारत की पहली यात्रा पर आई इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो, बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर होगा काम

भारत की पहली यात्रा पर आई इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो, बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर होगा काम

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो के साथ दक्षिण अमेरिकी देश के साथ भारत के सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर ने आश्वासन दिया कि भारत बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, जो अपनी पहली भारत यात्रा पर हैं। हमने व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल और क्षमता निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। हम बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करेंगे।

पढ़ें :- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जनता को दिलाया भरोसा, कहा- संघर्ष के बीच में भी नहीं होगी देश में उर्वरक की कमी

रोसेरो के आगमन पर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इक्वाडोर की विदेश मामलों और मानव गतिशीलता मंत्री सुश्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो का आज नई दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है। उनकी यह यात्रा भारत और इक्वाडोर के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी। रोसेरो बुधवार सुबह नई दिल्ली पहुंचीं। उनकी यह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा भारत और इक्वाडोर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से है। उनकी यह यात्रा भारत और इक्वाडोर के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी। MEA के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर के साथ सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए बैठक के बाद, वह राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को भी श्रद्धांजलि देंगी। इसके अलावा, इक्वाडोर के मंत्री केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात करने वाले हैं। यह हाई-प्रोफाइल दौरा पिछले साल तय किए गए कूटनीतिक रोडमैप का एक महत्वपूर्ण अगला कदम है और एक औपचारिक व्यापार समझौते की दिशा में एक बड़े प्रयास का संकेत देता है। उम्मीद है कि यह दौरा आर्थिक और रणनीतिक रूप से काफी अहम होगा, जिसमें क्विटो द्वारा पहचाने गए तीन प्रमुख प्राथमिकता वाले स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Advertisement