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एवरेस्ट पर 25,000 फीट से, 6 दिन तक बिना खाना-पानी और ऑक्सीजन के जिंदा लौटा, परिवार अंतिम संस्कार…

By Harsh Gautam 
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माउंट एवरेस्ट के जानलेवा डेथ जोन से एक ऐसा अकल्पनीय चमत्कार सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। 52 साल के शेरपा गाइड दावा हिलेरी बिना खाना, पानी और ऑक्सीजन के एवरेस्ट की ऊंचाइयों पर पूरे 6 दिन तक मौत को चकमा देकर जिंदा लौट आए हैं। गुरुवार सुबह जब वे बेस कैंप के पास मिले, तो उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि वे उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी तक कर चुके थे।

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डेथ जोन में 6 दिन का संघर्ष

यह रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया 28 मई को शुरू हुआ जब दावा ब्रिटिश पर्वतारोही क्रिस थ्रॉल के ग्रुप के साथ नीचे उतर रहे थे। बेहद थक जाने के कारण दावा रास्ते में ही बैठ गए और उन्होंने बाकी साथियों को आगे जाने को कहा। ऑक्सीजन की कमी और एक अन्य साथी को फ्रॉस्टबाइट होने के कारण ब्रिटिश पर्वतारोही आगे निकल गए और दावा 29 मई से लापता हो गए। इस बर्फीले तूफान के बीच दावा ने सिर्फ बर्फ पिघलाकर अपनी प्यास बुझाई और महज एक बिस्किट के पैकेट के सहारे 6 दिन काटे। वे रास्ते में छोड़े गए टेंटों से बचा हुआ सामान और पर्यटकों द्वारा फेंकी गई खाली बोतलों से बची-खुची ऑक्सीजन ढूंढकर अपनी सांसें बचाते रहे।

बिना रस्सियों के पार किया खतरनाक रास्ता

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चढ़ाई का सीजन खत्म होने के कारण रास्ते से सारी सीढ़ियां और रस्सियां हटा दी गई थीं। इसके बावजूद दावा ने बिना किसी तकनीकी सहारे के खतरनाक खुम्बु आइसफॉल को पार किया और खराब मौसम में 25,000 फीट से 17,000 फीट नीचे तक करीब 12 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय कर डाला। सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति की सफाई टीम ने जब उन्हें क्रैम्पॉन पॉइंट के पास देखा, तो तुरंत रेस्क्यू कर काठमांडू के अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल वे गंभीर फ्रॉस्टबाइट का शिकार हैं, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।

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