नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के फ़ेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर और उनकी पत्नी गेर्डा स्टॉकर लेगेनस्टीन ने राजघाट पर माल्यार्पण किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राजघाट महात्मा गांधी को समर्पित एक खुला स्मारक है और यह उस जगह को चिह्नित करता है जहां 31 जनवरी, 1948 को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान चांसलर स्टॉकर से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात द्विपक्षीय संबंधों में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत है, जिसके तहत आगे और उच्च-स्तरीय चर्चाएं करने की योजना है।
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एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि ऑस्ट्रिया के फ़ेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर से मिलकर बहुत खुशी हुई, क्योंकि उन्होंने भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी चर्चाएं विभिन्न क्षेत्रों में अधिक सहयोग के लिए नए रास्ते खोलेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि ऑस्ट्रिया के फ़ेडरल चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर का भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रिया की बढ़ी हुई साझेदारी को और गति प्रदान करेगी। यह स्टॉकर की भारत की पहली यात्रा है और 2025 में पदभार संभालने के बाद एशिया की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। नई दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत करने की उम्मीद है, जिसमें प्रमुख क्षेत्रों, हरित प्रौद्योगिकी और व्यापार में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। स्टॉकर के साथ व्यापारिक नेताओं, वरिष्ठ मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दोनों पक्षों से डिजिटल नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने की उम्मीद है। यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के बीच हो रही है। दोनों पक्षों से क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में अपने सहयोग पर भी चर्चा करने की उम्मीद है।