उन्नाव। उन्नाव के जिला अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई। बदलते मौसम के कारण बुखार और डायरिया के मरीजों की भीड़ इमरजेंसी वार्ड में उमड़ पड़ी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मात्र छह घंटे के भीतर 20 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ती गर्मी के कारण पेट से संबंधित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। इन दिनों डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। छोटे बच्चे विशेष रूप से इसकी चपेट में आ रहे हैं, हालांकि बुजुर्ग मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बता दे कि, डॉक्टर महेंद्र ने जानकारी देते हुए कहा, मौसम बदलने की वजह से डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बुखार और जुकाम संबंधित समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिसमें बच्चों की संख्या अधिक है। इसी कारण इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मरीजों को तुरंत बेड उपलब्ध कराने के लिए एक बेड पर दो मरीजों को भी लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है, ताकि कोई इलाज से वंचित न रहे।
उन्नाव में बुखार और डायरिया के कारण अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़ pic.twitter.com/d959yTMa1N
— Pardaphash Today (@PardaphashToday) March 31, 2026
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उन्होंने आगे कहा, सुबह से अब तक लगभग 20 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं और मरीजों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए इलाज की व्यवस्था बढ़ा दी है और मरीजों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डायरिया जैसी समस्या का शुरुआती इलाज घर पर भी संभव है, लेकिन लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और शरीर में पानी की कमी न होने दें। समय-समय पर साफ पानी पीते रहें तथा ग्लूकोन-डी और इलेक्ट्रॉल पाउडर जैसे ओरल रिहाइड्रेशन घोल का उपयोग करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना, बाहर का बासी या खुला खाना खाने से बचना और बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाना बेहद जरूरी है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में संपर्क करें, ताकि समय रहते उपचार मिल सके।
रिपोर्ट-मुकेश कुमार