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बेंगलुरु की विशेष कोर्ट के आदेश पर FIR में आरोपी नंबर-1 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को तुरंत देना चाहिए इस्तीफा : जयराम रमेश

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने अब रद्द हो चुकी चुनावी बॉण्ड योजना (Electoral Bond Scheme) के संबंध में शिकायत पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman)  और अन्य के खिलाफ बेंगलुरु की विशेष कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हो गया है। इसके बाद रविवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Congress General Secretary Jairam Ramesh) व पार्टी प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी (Rajya Sabha MP Abhishek Manu Singhvi) ने प्रेस कांफ्रेस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोला है। साथ ही ‘लोकतंत्र को कमजोर करने’ के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) के इस्तीफे की मांग की है।

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प्रीपेड रिश्वत, पोस्टपेड रिश्वत, छापे के बाद रिश्वत और फर्जी कंपनियों के माध्यम से वसूली की गई

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विपक्षी दल ने पूरे चुनावी बॉण्ड योजना (Electoral Bond Scheme) की विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की अपनी मांग दोहराई है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने आरोप लगाया कि चुनावी बॉण्ड (Electoral Bond ) की साजिश के जरिये पैसे ऐंठने के लिए चार तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसके तहत प्रीपेड रिश्वत, पोस्टपेड रिश्वत, छापे के बाद रिश्वत और फर्जी कंपनियों के माध्यम से वसूली की गई है।

सिंघवी ने भाजपा पर ‘लोकतंत्र को कमजोर करने’ का भी आरोप लगाया

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह राजनीतिक, कानूनी और नैतिक रूप से ‘दोषी’ हैं। रमेश ने कहा कि प्राथमिकी अदालत के आदेश पर दर्ज की गई और कांग्रेस का प्राथमिकी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावी बॉण्ड योजना की एसआईटी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रही है और वह इस मांग को दोहराती है। सिंघवी ने भाजपा पर ‘लोकतंत्र को कमजोर करने’ का भी आरोप लगाया।

हम जानते हैं कि नंबर 1 और नंबर 2 कौन है और यह किसके निर्देश पर किया गया

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री खुद से ऐसा नहीं कर सकतीं। हम जानते हैं कि नंबर 1 और नंबर 2 कौन है और यह किसके निर्देश पर किया गया। सिंघवी ने इसे ‘ईबीएस’ (इक्सटॉर्शनिस्ट बीजेपी स्कीम) करार देते हुए कहा कि बड़ा मुद्दा समान अवसर उपलब्ध कराना है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।

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चुनावी बॉण्ड योजना से संबंधित शिकायत के बाद बेंगलुरु की एक अदालत के निर्देश पर सीतारमण और अन्य के खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज किया गया। इस योजना को पहले ही निरस्त किया जा चुका है। एक विशेष अदालत के आदेश के आधार पर केंद्रीय मंत्री सीतारमण, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 384 (जबरन वसूली के लिए सजा), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा मंशा से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

आरोपियों ने चुनावी बॉण्ड की आड़ में जबरन वसूली की और 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का फायदा उठाया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी वाई विजयेंद्र, पार्टी नेता नलिन कुमार कटील का भी नाम प्राथमिकी में दर्ज है।
जनाधिकार संघर्ष परिषद (जेएसपी) के सह-अध्यक्ष आदर्श आर अय्यर ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने चुनावी बॉण्ड की आड़ में जबरन वसूली की और 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का फायदा उठाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सीतारमण ने ईडी अधिकारियों की गुप्त सहायता और समर्थन के माध्यम से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरों के फायदे के लिए हजारों करोड़ रुपये की जबरन वसूली की।

इसमें कहा गया है कि चुनावी बॉण्ड की आड़ में जबरन वसूली का काम विभिन्न स्तरों पर भाजपा के पदाधिकारियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में चुनावी बॉण्ड योजना को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि इससे संविधान के तहत सूचना के अधिकार और भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन होता है।

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