आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले के नरसरावपेट शहर बर्ड फ्लू की वजह से दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बच्ची के माता पिता ने उसे कच्चा चिकन खिला दिया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। आंध्र प्रदेश का यह पहला ममला है, जिसमें किसी की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। वहीं भारत में यह दूसरा मामला है। इससे पहले साल 2021 में हरियाणा में ऐसा मामला सामने आया था।
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बर्ड फ्लू किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका रूप गंभीर हो सकता है। 60 से अधिक उम्र के बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिसकी वजह से बुजुर्गों में यह संक्रमण जल्दी गंभीर हो सकता है।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों की इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होती है, जिसकी वजह से बर्ड फ्लू गंभीर रूप धारण कर सकता है। इतना ही नहीं प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव और इम्यून सिस्टम में बदलाव के कारण जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा बर्ड फ्लू डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर या सांस संबंधी मरीजों के लिए यह परेशानी बढ़ सकती है।
बर्ड फ्लू से बचने के लिए संक्रमित पक्षियों से दूरी बनाकर रहें। अगर आप मीट और अंडे खाते हैं, तो इसे अच्छी तरह से पकाकर खाएं। बार-बार हाथ धोएं और मास्क पहनें। किसी भी व्यक्ति में अगर फ्लू के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।