लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद पहला ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गयी है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 12.55 करोड़ मतदाता है। पहले चरण के बाद 2.89 करोड़ यानी 18 फीसदी नाम कट गए हैं। अब इसको लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। विपक्ष के नेता इसको लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर का बड़ा बयान आया है।
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ओपी राजभर ने कहा कि, जो SIR हो रहा है, वह 21 वर्ष के बाद हो रहा है। मृतक लोग 46 लाख से अधिक हैं जिनके नाम कटे हैं। 1 करोड़ 23 लाख ऐसे मतदाता हैं जो स्थानांतरित हो गए। अब उनका नाम एक जगह हो गया है, जिसे लेकर विपक्ष लोग शोर मचा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, जो लोग एक राज्य को छोड़कर दूसरे राज्य में गए और वहां जाकर वे बस गए, ऐसे लोगों के नाम एक जगह किए जा रहे हैं। उनमें से कुछ ऐसे नाम हैं जो मौके पर नहीं मिल पा रहे हैं। उसके लिए भी चुनाव आयोग ने व्यवस्था की है। विपक्ष केवल सड़क पर हल्ला कर रहा है और सच्चाई ये है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना चाहता है।