FSSAI : भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया को शहद, गाय के घी और खाद्य तेलों जैसे कई उत्पादों को ‘100 प्रतिशत’ के दावे के साथ बेचने से रोक लगा दी है। FSSAI का कहना है कि इस तरह की लेबलिंग कानून (Labeling Laws) के खिलाफ है। इन प्रोडक्ट्स की लेबलिंग (Product labeling) पर कंपनी ने 100 प्रतिशत शुद्ध होने का दावा किया है, जबकि यह दावा उपभोक्ताओं को गुमराह (Misled) करता है। इसलिए इन प्रोडक्ट्स की बिक्री (Sales of products) नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) जमा करनी होगी।
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इन फूड प्रॉडक्ट्स में शहद, सेब का सिरका, वर्जिन कोकोनट तेल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी, नारियल का दूध और ऐसे ही अन्य सामान शामिल हैं।
फूड रेगुलेटर ने स्पष्ट किया कि 100 प्रतिशत दावों का इस्तेमाल एफएसएस (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन है, क्योंकि ये अस्पष्ट, अप्रामाणिक हैं और इनसे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा सकता है।
बताते चलें कि FSSAI ने मई 2025 में पूरी इंडस्ट्री के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें फूड बिजनेस (Food Business) करने वालों से कहा गया था कि वे लेबल, पैकेजिंग और प्रमोशन (Packaging and Promotion) के सामान पर “100 प्रतिशत” जैसे दावे करने से बचें। इसमें कहा गया था कि मौजूदा नियमों (Existing rules) में इस शब्द की कोई परिभाषा नहीं है और इससे पूरी तरह शुद्ध या बेहतर होने की गलतफहमी (Misunderstanding ) पैदा हो सकती है।