गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने चोरी के ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें पिता और बेटा मिलकर रेलवे कॉलोनी के घरों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 65 लाख रुपये के गहने और 95 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी बंद पड़े रेलवे क्वार्टरों की जानकारी जुटाते थे और फिर मौका देखकर चोरी करते थे।
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बंद क्वार्टरों पर नजर, फिर घरों में चोरी
मामला शाहपुर थाना क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी का है। यहां पिछले छह महीनों में छह अलग-अलग घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच तेज की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पादरी बाजार के मोहनापुर पासी टोला निवासी रत्नेश अग्रहरी और उसके पिता रविन्द्र प्रसाद अग्रहरी के रूप में हुई है। रविवार को पुलिस अधिकारियों ने पुलिस लाइंस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया।
पिता करता था रेकी, बेटा देता था वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक रविन्द्र प्रसाद प्लंबर का काम करता था। रेलवे कॉलोनी में आने-जाने के दौरान उसे वहां के बंद क्वार्टरों की जानकारी मिली। इसके बाद उसने अपने बेटे के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि बाप पहले पैदल इलाके की रेकी करता और फिर साइकिल से पहुंचकर चोरी करते थे।
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चोरी के बाद गहनों को घर में छिपा दिया जाता था। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने जेवर एक डिब्बे में भरकर जमीन के नीचे दबा रखे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों की योजना इन गहनों को बेचने की थी, लेकिन उससे पहले ही वे पकड़े गए।
सोने-चांदी के आभूषणों का बड़ा जखीरा मिला
पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने की नौ अंगूठियां, दो हार, 12 झुमके, पांच मंगलसूत्र, चार चेन, मांग टीका, चार लॉकेट, तीन नथिया, कड़ा और माला समेत कई आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा चांदी की 20 पायल, कमरधनी, चेन, ब्रेसलेट, 14 बिछिया, 14 सिक्के और दो अंगूठियां भी मिली हैं। बरामद नकदी की रकम 95 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अब जब्त किए गए सामान का छह दर्ज चोरी के मामलों से मिलान कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सा सामान किस घर से चोरी हुआ था।