लखनऊ। Lateral Entry के जरिए नियुक्तियों को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच सरकार बैकफुट पर आ गई है। सरकार ने लेटरल एंट्री भर्ती वाले विज्ञापन पर रोक लगा दी है। इसको लेकर अब विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की भी इस मामले में प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि, भाजपा के षड्यंत्र अब कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, यूपीएससी में लेटरल एन्ट्री के पिछले दरवाज़े से आरक्षण को नकारते हुए नियुक्तियों की साज़िश आख़िरकार पीडीए की एकता के आगे झुक गयी है। सरकार को अब अपना ये फ़ैसला भी वापस लेना पड़ा है। भाजपा के षड्यंत्र अब कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, ये PDA में आए जागरण और चेतना की बहुत बड़ी जीत है।
यूपीएससी में लेटरल एन्ट्री के पिछले दरवाज़े से आरक्षण को नकारते हुए नियुक्तियों की साज़िश आख़िरकार पीडीए की एकता के आगे झुक गयी है। सरकार को अब अपना ये फ़ैसला भी वापस लेना पड़ा है।
भाजपा के षड्यंत्र अब कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, ये PDA में आए जागरण और चेतना की बहुत बड़ी जीत है।…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 20, 2024
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उन्होंने आगे लिखा कि, इन परिस्थितियों में समाजवादी पार्टी ‘लेटरल भर्ती’ के ख़िलाफ़ 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले आंदोलन के आह्वान को स्थगित करती है, साथ ही ये संकल्प लेती है कि भविष्य में भी ऐसी किसी चाल को कामयाब नहीं होने देगी व पुरज़ोर तरीके से इसका निर्णायक विरोध करेगी। जिस तरह से जनता ने हमारे 2 अक्टूबर के आंदोलन के लिए जुड़ना शुरू कर दिया था, ये उस एकजुटता की भी जीत है। लेटरल एंट्री ने भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।