फूलों को खूबसूरती का सबसे बा पैमाना माना जाता है। फ्लावर गार्डन के नजारे तो लोगों को अनायास लोगों का अपनी ओर खींचते है। हिमालय की गोद में बसे लेह के चोगलामसर और स्टकना क्षेत्र में 40 एकड़ में फैले दो बड़े फ्लावर फील्ड्स तैयार किए गए हैं, जहां 25 लाख से ज्यादा फूल लगाए गए हैं।
Ladakh Flower Gardens : फूलों को खूबसूरती का सबसे बा पैमाना माना जाता है। फ्लावर गार्डन के नजारे तो लोगों को अनायास लोगों का अपनी ओर खींचते है। हिमालय की गोद में बसे लेह के चोगलामसर और स्टकना क्षेत्र में 40 एकड़ में फैले दो बड़े फ्लावर फील्ड्स तैयार किए गए हैं, जहां 25 लाख से ज्यादा फूल लगाए गए हैं।
इनमें 24 लाख से ज्यादा लिलियम और करीब 1 लाख ग्लैडियोलस के फूल शामिल हैं। यह फ्लावर गार्डन आज 18 सितंबर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। इन ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (Lieutenant Governor of Ladakh Vinai Kumar Saxena) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर किया। प्रशासन का दावा है कि ये दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित ट्विन फ्लाावर फील्ड्स (Twin Flower Fields) हैं।
सैलानी इस अनोखे फूलों के बगीचे को देखने के लिए केवल 25 रुपये में प्रवेश कर सकते हैंं, जबकि बच्चों के लिए टिकट 10 रुपये रखा गया है। प्रशासन के मुताबिक टिकट से होने वाली आय का इस्तेमाल बगीचे के रखरखाव और देखभाल में किया जाएगा।
चोगलामसर में 16 जुलाई से पौधारोपण का काम शुरू किया गया था. लगभग 2 महीने बाद सितंबर के पहले सप्ताह में यहां फूल खिलने लगे। वहीं, स्टकना में अगस्त से अब तक करीब 14 लाख लिलियम के पौधे लगाए जा चुके हैं औैैर इनके अक्टूबर के अंत तक खिलने की उम्मीद है। पीले, सफेद, नारंगी और लाल रंगों से सजे ये फूल लद्दाख की भूरी पहाड़ियों के बीच बेहद खूबसूरत नजारा पेश कर रहे हैं. यही कारण है कि ये जगह पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन सकती है।