केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, जगज़ाहिर है कि साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 'तीन-तिकड़म' कर सपा ने राष्ट्रीय लोकदल और सुभासपा से हाथ मिलाने के साथ कई वजूद वाले नेताओं को अपने दल में शामिल कराया, इसके बावजूद वह भाजपा को सत्ता से नहीं हटा सकी। उसके सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण धरे के धरे रह गए।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, सपा के पास न कोई दृष्टिकोण है और न विश्वसनीय नेतृत्व। उत्तर प्रदेश में भाजपा की हैट्रिक तय है और तीसरी बार भी कमल ही खिलेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, जगज़ाहिर है कि साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में ‘तीन-तिकड़म’ कर सपा ने राष्ट्रीय लोकदल और सुभासपा से हाथ मिलाने के साथ कई वजूद वाले नेताओं को अपने दल में शामिल कराया, इसके बावजूद वह भाजपा को सत्ता से नहीं हटा सकी। उसके सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण धरे के धरे रह गए।
जगज़ाहिर है कि साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में ‘तीन-तिकड़म’ कर सपा ने राष्ट्रीय लोकदल और सुभासपा से हाथ मिलाने के साथ कई वजूद वाले नेताओं को अपने दल में शामिल कराया, इसके बावजूद वह भाजपा को सत्ता से नहीं हटा सकी। उसके सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण धरे के धरे रह गए।
दरअसल,…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) September 18, 2026
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दरअसल, सपा के पास न कोई दृष्टिकोण है और न विश्वसनीय नेतृत्व। जनता का भरोसा तो उसमें कतई नहीं है। इसलिए इस बार भी उसका जातीय समीकरणों और खोखले नारों का खेल धरा का धरा रह जाएगा।
उन्होंने आगे लिखा, कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि सपा बहादुर अखिलेश यादव की कोई भी पैंतरेबाज़ी तीसरी बार भी भाजपा की बाज़ी पलट नहीं पाएगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की हैट्रिक तय है और तीसरी बार भी कमल ही खिलेगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, तृणमूल कांग्रेस पर चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल करने वाले कांग्रेस के भ्रमित नेता राहुल गांधी को पता ही नहीं है कि कांग्रेस से टूटकर ही तृणमूल कांग्रेस बनी थी, जिसके बाद पश्चिम बंगाल में गांधी परिवार की कांग्रेस बस ‘नाम’ की है, किसी ‘काम’ की नहीं।