नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अमेरिका का एक नया नक्शा साझा किया है, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी भू-भाग (US Territories) के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट किया गया है। ये नक्शा कंप्यूटर या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से तैयार किया गया माना जा रहा है।
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ट्रंप के तरफ से शेयर किए गए इस नक्शे में अमेरिका का आकार काफी बड़ा दिखाया गया है। इसमें पड़ोसी देश कनाडा, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला और डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है। इसके साथ ट्रंप ने एक और तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और अपने विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ ग्रीनलैंड (Greenland) में अमेरिकी झंडा लगाते नजर आ रहे हैं। उस तस्वीर पर लिखा है- “Greenland US Territory Est 2026” यानी ग्रीनलैंड, अमेरिकी क्षेत्र – स्थापना- 2026
कनाडा को लेकर पुराना बयान
बता दें कि पिछले साल जनवरी में दूसरी बार राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद ही ट्रंप ने कहा था कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाया जाना चाहिए। हालांकि, कनाडा सरकार (Canadian Government) ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव और टैरिफ विवाद बढ़ गया था।
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वेनेजुएला पर पहली बार दावा
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला में एक अभियान चलाया था, जिसके बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (President Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा और वहां के तेल संसाधनों पर अमेरिकी कंपनियों का नियंत्रण होगा। हालांकि, यह पहली बार है जब ट्रंप ने खुले तौर पर वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया है।
ट्रंप क्यों चाहते हैं ग्रीनलैंड ?
ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की “राष्ट्रीय सुरक्षा” के लिए जरूरी है, क्योंकि यह खनिज संसाधनों से भरपूर और रणनीतिक रूप से अहम इलाका है। जबकि अमेरिका पहले से ही वहां एक सैन्य अड्डा रखता है और डेनमार्क नाटो का सहयोगी देश है। हाल ही में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अब शांति स्थापना की जिम्मेदारी उनकी नहीं है और न ही यह सोचने की उनकी मजबूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड पर “पूरी तरह नियंत्रण” की बात कही थी। उन्होंने ग्रीनलैंड सौदे का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी भी दी है।
ट्रंप कार्ड पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
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ट्रंप के इस कदम से यूरोप और नाटो देशों में चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने साफ किया है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और उस पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं बनता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नक्शा कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है और न ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अमेरिका ने इन देशों को अपने अधीन किया है। इसे ट्रंप की राजनीतिक सोच और दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।