लखनऊ। भारत के डेयरी उद्योग में खाद्य-सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सी.पी. मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (ज्ञान डेयरी) ने अपने उत्तर प्रदेश स्थित उत्पादन केंद्रों में आईएसओ 22000 : 2018 फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (एफएसएमएस) का ऑडिट सफलतापूर्वक सम्पन्न किया है।
पढ़ें :- MP में असमिया छात्र पर हमले का मामला : नस्लीय एंगल की होगी जांच, आरोपी 5 छात्रों के खिलाफ केस दर्ज
यह ऑडिट टीएनवी ग्लोबल लिमिटेड द्वारा किया गया, जो यूएएफ (यूनिवर्सल एक्रीडेशन फाउंडेशन, यूएसए) से मान्यता प्राप्त एक अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन निकाय है। टीएनवी ग्लोबल पर्यावरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और खाद्य-सुरक्षा जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानकों पर स्वतंत्र ऑडिट और प्रमाणन सेवाएं प्रदान करता है।
ऑडिट के दौरान उत्पादन, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और वितरण की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। इसमें हैज़र्ड एनालिसिस, स्वच्छता नियंत्रण, ट्रेसबिलिटी, जोखिम प्रबंधन और सतत सुधार प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा शामिल रही। इस प्रक्रिया ने ज्ञान डेयरी की फूड सेफ्टी प्रणाली को और सुदृढ़ किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीयता को और बढ़ाया है।
ज्ञान डेयरी द्वारा कराया गया यह फूड सेफ्टी ऑडिट न केवल उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास को भी मजबूत करता है। साथ ही यह कदम भारत के डेयरी उद्योग को वैश्विक खाद्य-सुरक्षा संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।
टीएनवी ग्लोबल लिमिटेड ने कहा कि खाद्य-सुरक्षा किसी कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक पहचान का विषय नहीं, बल्कि उपभोक्ता स्वास्थ्य के प्रति नैतिक दायित्व है। आईएसओ 22000 के अनुरूप संचालन से कंपनियों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ती है।
पढ़ें :- आपसी सौहार्द की मिसाल: आग़ाज़ फाउंडेशन में मकर संक्रांति पर खिचड़ी सहभोज का आयोजन
बता दें कि आईएसओ 22000 : 2018 एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है। यह मानक उत्पादन से लेकर वितरण तक की संपूर्ण प्रक्रिया में जोखिम नियंत्रण, स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक ढांचा तैयार करता है। इसमें एचएसीसीपी (हेजर्ड एनालिसिस एंड क्रिटिकल कंट्रोल प्वाइंट) के सिद्धांतों को प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे संगठन संभावित खाद्य जोखिमों की पहचान, नियंत्रण और रोकथाम कर सकें। इस मानक का उद्देश्य उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि हर उत्पाद सुरक्षित, विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।