लखनऊ। हरियाणा के चरखी-दादरी जिले (Charkhi-Dadri District) में प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हरियाणा पुलिस (Haryana Police) ने मामले में कई आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों को संदेह था कि मजदूर बीफ खाता है। इसी शक में उन्होंने बहाने से बुलाकर उसका कत्ल कर दिया। मजदूर पश्चिम बंगाल (West Bengal) का रहने वाला था। घटना 27 अगस्त की है। इस घटना को लेकर बसपा मुखिया मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट भी किया है। उन्होंने वहां की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पढ़ें :- CM योगी ने वितरित किया 912 नियुक्ति पत्र, कहा-योग्य अभ्यार्थियों के चयन से आमजन के मन में शासन एवं चयन प्रक्रिया के प्रति विश्वास होता है सशक्त
चरखी-दादरी में बीफ खाने के संदेह में गौरक्षा ग्रुप के लोगों ने बहाने पीटा, साबिर मलिक की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर
चरखी-दादरी (Charkhi-Dadri) में बीफ खाने के संदेह में गौरक्षा ग्रुप के लोगों ने बहाने से पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दो मजदूरों को बुलाकर उन्हें बुरी तरह पीट दिया था। इसमें साबिर मलिक की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। इस घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) की प्रतिक्रिया सामने आई है।
भीड़ हत्या/माब लिंचिंग का रोग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में हरियाणा के चरखी दादरी में गोमांस खाने के शक में एक गरीब युवक की पीट-पीट कर नृशंस हत्या मानवता को शर्मसार व कानून के राज की पोल खोलती है, यह अति-दुखद व निन्दनीय। सख्त कार्रवाई जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) September 1, 2024
पढ़ें :- सरकार के पास दिया जलाने का पैसा है, पर हमारे हॉस्टल के लिए नहीं, राहुल गांधी बोले- मोदी जी उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
मायावती (Mayawati) ने रविवार सुबह चरखी-दादरी (Charkhi-Dadri) की घटना को लेकर लिखा कि ‘भीड़ हत्या/माब लिंचिंग का रोग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में हरियाणा के चरखी-दादरी (Charkhi-Dadri) में गोमांस खाने के शक में एक गरीब युवक की पीट-पीट कर नृशंस हत्या मानवता को शर्मसार व कानून के राज की पोल खोलती है। यह अति-दुखद व निंदनीय है। सख्त कार्रवाई जरूरी।
सिर्फ राहत ही नहीं बल्कि सरकारों को बाढ़ निवारण पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए
देश के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश के कारण आयी बाढ़ की स्थिति से सही से नहीं निपट पाने के कारण लाखों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तथा ऐसी तबाही लोगों का जीवन बर्बाद कर देती है। सिर्फ राहत ही नहीं बल्कि सरकारों को बाढ़ निवारण पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) September 1, 2024
पढ़ें :- वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली का एनकाउंटर, NIA को भी थी तलाश
बसपा सुप्रीमो (BSP Supremo) देश के विभिन्न राज्यों में आई बाढ़ को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पोस्ट जारी कर लिखा है कि ‘बाढ़ की स्थिति से सही से नहीं निपट पाने के कारण लाखों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसी तबाही लोगों का जीवन बर्बाद कर देती है। सिर्फ राहत ही नहीं बल्कि सरकारों को बाढ़ निवारण पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए।