Holi Ashes Totke : रंगों का त्योहार होली प्रेम , सौहादर्य और सामाजिक समरता का प्रतीक है। एक दूसरे को रंग ,अबीर लगाकर शुभकामना देने वाले इस त्योहार में पूजा पाठ के साथ रंगों पकवानों की मस्ती सबके मन मन उत्साह भरती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के बाद होली के राख के उपाय करने से जीवन में बाधाएं और संकट समाप्त होते है। आइये जानते है होली की राख के कुछ खास उपायों के बारे में जिनको करने से घर में कभी नहीं होगी पैसों की कमी।
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रंगों वाली होली
पंचांग के अनुसार,इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 25 मिनट से आरंभ हो रही है। पूर्णिमा तिथि का समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो रहा है। चूंकि द्रिक पंचांग में उदया तिथि महत्वपूर्ण कही जाती है, इसलिए उदया तिथि के अनुसार होलिका दहन 13 मार्च के दिन होगा। होलिका दहन के बाद होली खेली जाती है। तो इस लिहाज से रंगों वाली होली 14 मार्च 2025 होगी।
1.जन्म कुंडली के ग्रह दोष है को ठीक करने के लिए होलिका दहन की राख को ठंडा होने के बाद घर ले आएं और इसे पानी में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और महादेव से प्रार्थना करें।
2.घर में यदि कोई बीमार रहता है तो होलिका दहन की राख को बीमार व्यक्ति के शरीर पर छिड़क दें। इस उपाय के चमत्कार से बीमार व्यक्ति जल्द ही ठीक होने लगेगा।
3. नौकरी में किसी तरह की समस्या आ रही है तो एक नारियल को सात बार घड़ी की दिशा में घुमाएं और अपने इष्ट को याद करके मन ही मन काम पूरा करने के लिए प्रार्थना करें और इस नारियल को होली की अग्नि में डाल दें।