डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर अचानक से बदलते तापमान को वयस्कों की तुलना में जल्दी झेल नहीं पाता, जिसके चलते वे बहुत जल्द ही पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं। स्वास्थय विशेषज्ञों ने इस जानलेवा गर्मी में बच्चों को अंदर से सुरक्षित और ठंडा रखने के लिए उनकी डाइट में 9 बेहतरीन हाइड्रेटिंग और कूलिंग फूड्स शामिल करने की सलाह दी है, जो बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देंगे।
नई दिल्ली। पूरे देश में गर्मी का प्रकोप काफी तीव्र गति से बढ़ रहा है। आसमान से बरसती चिंगारी और गर्म लू ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। छोटे बच्चों को इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा होता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर अचानक से बदलते तापमान को वयस्कों की तुलना में जल्दी झेल नहीं पाता, जिसके चलते वे बहुत जल्द ही पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं। स्वास्थय विशेषज्ञों ने इस जानलेवा गर्मी में बच्चों को अंदर से सुरक्षित और ठंडा रखने के लिए उनकी डाइट में 9 बेहतरीन हाइड्रेटिंग और कूलिंग फूड्स शामिल करने की सलाह दी है, जो बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देंगे।
पानी से भरपूर मौसमी फल
गर्मी के दिनों में बच्चों के लिए सबसे सेहतमंद और अच्छा नाश्ता हैं, गर्मियों में मिलने वाले फल जैसे तरबूज और खरबूजा। खरबूजा जहां एक ओर पेट को ठंडा रखता है और एसिडिटी से बचाता है तो दूसरी ओर तरबूज शरीर को तुरंत रीहाइड्रेट करता है क्योंकि इसमें लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है।
खीरा और ककड़ी
खीरा कब्ज की समस्या को दूर करता है और पाचन क्रिया को दुरूस्त भी करता है। इसमें 95 प्रतिशत पानी के साथ-साथ भरपूर फाइबर भी होता है। इसे सलाद या स्लाइस के रूप में काला नमक लगाकर बच्चों के साथ—साथ बड़ों को भी दिया जा सकता है।
दही और छाछ
दही हमारे पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने के साथ—साथ एक प्राकृतिक कूलेंट भी है। दोपहर के समय में बच्चों को ठंडी लस्सी, भुने जीरे वाली छाछ या फ्रूट रायता देने से उनका पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
नारियल पानी
नारियल पानी सबसे बेहतरीन प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है। खेल-कूद के दौरान बच्चों के शरीर से निकलने वाले पसीने के रूप में जरूरी मिनरल्स को यह तुरंत रीस्टोर करता है, साथ ही बच्चों को कमजोरी या चक्कर आने की समस्या से भी बचाता है।
पारंपरिक आम पन्ना
सदियों से कच्चे आम का पन्ना लू के लिए एक अचूक दवा माना जाता है। बच्चों को धूप में बाहर निकलने से पहले कच्चे आम को उबालकर पुदीना, जीरा और काले नमक के साथ बनाया गया यह शरबत जरूर पिलाना चाहिए।
ताजा पुदीना
पुदीने को नींबू पानी, छाछ या चटनी के रूप में बच्चों की डाइट में शामिल करने से शरीर को तुरंत ताजगी मिलती है और उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं से बचाव होता है क्योंकि पुदीने की तासीर बेहद ठंडी होती है।
नींबू पानी
विटामिन-सी से भरपूर नींबू पानी बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाता है। सादे पानी की जगह हल्का मीठा और नमकीन नींबू पानी देने से शरीर में शुगर और साल्ट का संतुलन बना रहता है।
सत्तू का शरबत
गर्मियों का देसी सुपरफूड है भुने चने से बना सत्तू। यह प्रोटीन से भरपूर होने के कारण न सिर्फ शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है, बल्कि बच्चों को लंबे समय तक ऊर्जावान भी बनाए रखता है।
तुलसी के बीज
तुलसी के बीजों में शरीर की गर्मी को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इन्हें पानी में भिगोकर बच्चों को दूध, शेक या शिकंजी में मिलाकर देने से शरीर का तापमान तुरंत सामान्य हो जाता है।
एक्सपर्ट की सलाह: बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बच्चों को पैक्ड जूस, अत्यधिक कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा तले-भुने भोजन से पूरी तरह दूर रखना चाहिए। इनमें मौजूद अत्यधिक शुगर और प्रिजर्वेटिव्स शरीर में पानी की कमी का कारण बनते हैं। इसके अलावा, धूप से सीधे आते ही बच्चों को फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी देने के बजाय मटके का पानी देना स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर है।