Holi Chandra Grahan: होली का पर्व इस बार 14 मार्च को मनाया जाएगा। यानी 13 मार्च को होलिका दहन सम्पन्न होगा। जिसकी अगली सुबह रंगोत्सव माना जाना है। हालांकि, इस बार होली पर चंद्र-ग्रहण लगने वाला है। इस दिन ब्लड रेड मून देखने को मिलेगा साथ ही साथ पूर्ण चंद्र ग्रहण भी होगा। जिस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढंक लेगी।
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दरअसल, जब चंद्रमा, सूर्य और धरती सीधे एक ही रेखा में होते हैं तो चंद्रमा की तरफ से धरती पर लाल लंबी वेवलेंग्थ का प्रकाश धरती पर पड़ेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढंक लेगी। इससे चंद्रमा गहरे लाल रंग में नजर आएगा। इसको ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह नजारा अमेरिका के 48 राज्यों में यह नजारा देखने को मिलेगा। हालांकि, चंद्र-ग्रहण प्रभाव भारत में नहीं माना जाएगा, क्योंकि जिस समय अमेरिका में रात के समय चंद्र ग्रहण दिखेगा उस समय में भारत में 14 मार्च दिन के समय को रंगों की होली होगी।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 14 मार्च को लगेगा। इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत सुबह 9 बजकर 29 मिनट से होगी। जबकि इसकी समाप्ति दोपहर 3 बजकर 29 मिनट पर होगी। चूंकि, यह चंद्र ग्रहण होली के दिन लगने जा रहा है, इसलिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ रहा है। भारत में चंद्र ग्रहण का धार्मिक महत्त्व नहीं है, इसलिए होलिका दहन पर भी इसका प्रभाव नहीं होगा। लेकिन, होलिका दहन के दिन भद्रा का साया रहेगा।
भद्राकाल और होलिका दहन का शुभमुहूर्त
भद्रा पूंछ- शाम को 06:57 से रात्रि 08:14 तक।
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भद्रा मुख- रात्रि 08:14 से रात्रि 10:22 तक।
होलिका दहन श्रेष्ठ मुहूर्त- मध्यरात्रि 11:26 से 12:30 के बीच।