मौसम चेंज हो रहा है ऐसे में शरीर में छोटी मोटी दिक्कतें होने लगती है। जिसमें से एक है गले में दर्द। गले में दर्द होने पर कुछ भी निगलने खाने पीने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको गले में दर्द के पीछे के कारणों के बारे में बताने जा रहे है ताकि इससे छुटकारा पाने में आसानी हो। वायरस गले में खराश का सबसे आम कारण है। वायरल संक्रमण के कारण गले के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। वायरल संक्रमण होने पर गले में दर्द के साथ बुखार, जुकाम खा्ंसी हो सकती है।
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इसके अलावा कभी कभी गले में दर्द के पीछे साइनस इंफेक्शन भी हो सकता है। साइनस खोपड़ी में खोखली गुहाओं का एक समूह है। बैक्टीरिया, वायरस और फंगस भी साइनस को संक्रमित कर सकते है और नाक से पानी बहने का कारण बन सकते है। वहीं ऐसा तब होता है जब बलगम गले के पीछे की ओर बहता है। संक्रमित बलगम गले में दर्द का कारण बन सकता है।
इसके अलावा धूल, फफूंद या रुसी की एलर्जी से नाक से पानी टपकने की दिक्कत हो सकती है। जो गले में खराश का कारण बनती है। कुछ लोगो को एलर्जी की वजह से होने वाली सूजन से खुजली होती है।
साथ ही एसिड रिफ्लक्स के कारण भी ऐसा हो सकता है। जब आप सो रहे होते है तो पेट का एसिड ग्रासनली गले के पिछले हिस्से और मुंह में जा सकता है। यही कारण है कि एसिड रिफ्लक्स के कारण गले में खराश अक्सर सुबह के समय अधिक होती है।
इसके अलावा टीवी के कुछ प्रकार गले में भी संक्रमण पैदा करसकते है। टीबी सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह गले के लिंफ नोड्स में भी फैल सकता है। इसकी वजह से गले में दर्द, सूजन और कई दूसरे लक्षण हो सकते है।