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उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में देखना है ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ का जादुई नजारा तो IRCTC 6 दिनों का लेकर आया स्पेशल ट्रेकिंग पैकेज

By santosh singh 
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नई दिल्ली। अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी और काम की थकान से ब्रेक लेकर मानसून के इस मौसम में प्रकृति के करीब सुकून भरा समय बिताना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका आया है। चारों तरफ खिले रंग-बिरंगे फूल, चारों ओर फैली हरियाली और सामने खड़े बर्फीले पहाड़ उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ (फूलों की घाटी) का नजारा इन दिनों बेहद जादुई दिखता है। पर्यटकों को इस खूबसूरत सफर का अनुभव कराने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) 6 दिन का स्पेशल ट्रेकिंग पैकेज लेकर आया है।

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 यात्रा का सबसे मुफीद समय अगस्त-सितंबर

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित यह घाटी यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यद्यपि यह स्थान साल में सीमित समय के लिए खुलता है, लेकिन अगस्त से सितंबर का महीना यहाँ जाने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। इस दौरान पूरी घाटी में हिमालयन रोज, ब्लू पॉपी और रिवर एनेमोन जैसे सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ फूल पूरी तरह खिल उठते हैं। IRCTC का यह स्पेशल टूर पैकेज 6 दिनों और 5 रातों का है।

यात्रा का पूरा रूट और मुख्य आकर्षण 6 दिनों की इस ट्रेकिंग यात्रा में पर्यटकों को वैली ऑफ फ्लावर्स के अलावा उत्तराखंड के कई अन्य प्राकृतिक व धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा।

ऋषिकेश व पीपलकोटी: यात्रा का शुभारंभ सुबह 6:00 बजे ऋषिकेश से होगा। यहाँ से पीपलकोटी पहुँचकर आप अपनी यात्रा के पहले पड़ाव का आनंद लेंगे।

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गोविंदघाट और घांघरिया: पीपलकोटी से गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद मुख्य पैदल ट्रेक प्रारंभ होता है। यहाँ से 9 किलोमीटर पैदल चढ़ाई करके घांघरिया पहुँचा जाता है, जो फूलों की घाटी का बेस कैंप है।

वैली ऑफ फ्लावर्स व हेमकुंड साहिब: घांघरिया से तीसरे दिन फूलों की घाटी की सैर होगी। इसके बाद अगले दिन सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल ‘श्री हेमकुंड साहिब’ की चढ़ाई शामिल है।

बद्रीनाथ धाम दर्शन: वापसी के दौरान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पर्यटकों को भगवान बद्रीनाथ धाम के दर्शन का मौका भी मिलेगा।

सुविधाएँ और ट्रेक की शारीरिक फिटनेस

इस टूर में पर्यटकों को ठहरने के लिए होटल/होमस्टे की व्यवस्था, भोजन और ऋषिकेश से आने-जाने के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जाएगी। साथ ही पूरी यात्रा के दौरान अनुभवी ट्रेक गाइड सुरक्षा के लिए साथ रहेंगे।

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इस पूरे ट्रेक के दौरान लगभग 37 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है और इसका मैक्सिमम एल्टीट्यूड 14,100 फीट तक जाता है। ट्रेक का डिफिकल्टी लेवल ईजी टू मॉडरेट है, इसलिए सामान्य रूप से शारीरिक रूप से फिट व्यक्ति आसानी से इस यात्रा का हिस्सा बन सकता है।

यदि आप भी इस मानसून प्रकृति के इस अद्भुत रूप को करीब से देखना चाहते हैं, तो IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तुरंत बुकिंग करा सकते हैं। सीटों की संख्या सीमित होने के कारण समय से बुकिंग कराना फायदेमंद रहेगा

रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा

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