नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है। चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी सेवानिवृत्त जस्टिस सुदर्शन रेड्डी लगातार राजनीतिक पार्टियों से मिलकर सपोर्ट मांग रहे हैं। अब उन्होंने सभी सांसदों को पत्र लिखा है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। दरअसल, रेड्डी का मुकाबला एनडीए प्रत्याशी और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन से है।
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उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर को होना है। इससे पहले इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने हैदराबाद में कहा कि, मेरे प्रतिद्वंदी बोल ही नहीं रहे हैं। अगर दोनों प्रत्याशी बोलें तो अच्छी बहस हो सकती है। रेड्डी ने कहा, मैं विपक्षी दलों का उम्मीदवार हूं, मुझे आप जैसी गैर INDIA ब्लॉक पार्टियों से समर्थन मिला है। उपराष्ट्रपति पद का चुनाव उनके जीवन में संविधान के साथ लंबी यात्रा का एक हिस्सा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2025 का चुनाव भारत के हालिया इतिहास में लड़े गए सबसे निष्पक्ष, प्रतिष्ठित और मर्यादित चुनावों में से एक होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा, हमारा राज्य बहुसंख्यकवादी नहीं है। संविधान किसी को शक्ति नहीं देता, उसका काम शक्ति को सीमित करना है। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी टिप्पणी की। रेड्डी ने कहा, संविधान के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में ‘कमी’ है।