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India-China border : भारत-चीन ने 6 साल बाद खोली सीमा,लिपुलेख दर्रे— सिक्किम के रास्ते आज से कारोबार शुरू

By अनूप कुमार 
Updated Date

India-China border: भारत और चीन के बीच एक बार फिर सड़क के जरिए व्यापार के रास्ते खुल रहे हैं। सिक्किम से सिल्क रूट 1 अगस्त से फिर खुल गया है। आपसी सहमति से तय मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुसार, सीमा व्यापार मई से नवंबर तक 6 महीने के लिए खुला रहेगा। इस दौरान पहले से मंजूर 36 सामानों का आयात-निर्यात होगा। दोनों देशों के संबंध सामान्य होने की दिशा में ये बड़ा कदम है। इससे सीमापार व्यापार को रफ्तार मिलेगी और पूर्वोत्तर में सीमावर्ती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे के जरिये आज से फिर व्यापार के रास्ते खुल रहे हैं।
नाथू ला से सीमा व्यापार पहली बार 6 जुलाई 2006 को शुरू हुआ था। ये पुराना सिल्क रूट है, जहां सदियों से दोनों देशों के बीच व्यापार होता रहा है।

इसी प्रकार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से लिपुलेख दर्रे के रास्ते व्यापारियों का पहला दल तिब्बत स्थित तकलाकोट मंडी के लिए रवाना हो चुका है। पहले चरण में 20 सदस्यीय दल गया है, जिसमें 16 व्यापारी और 4 सहायक शामिल हैं।

इन व्यापारियों ने अपना सामान पहले ही तकलाकोट मंडी में छोड़ दिया था। सीमा व्यापार संगठन इस पूरे कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहा है। बाद में अन्य व्यापारिक दल भी तकलाकोट जाएंगे।

भारत 36 स्वीकृत उत्पादों का चीन को निर्यात कर सकता है। इनमें हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के सामान, कंबल, खेती के औजार, प्रोसेस्ड फूड, सूखी सब्जियां, मसाले, रेडीमेड कपड़े, बर्तन और पारंपरिक धार्मिक सामान शामिल हैं।

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तिब्बत की तरफ से होने वाले इंपोर्ट में रेडीमेड कपड़े, जूते, याक के उत्पाद, मक्खन, बोरेक्स, बकरियां, रजाइयां और दूसरे स्वीकृत सामान शामिल हैं। एक ट्रेडिंग सीजन के दौरान 400 व्यापारियों को परमिट जारी होने हैं। मगर अधिकारियों का कहना है कि अब तक कुछ ही पास मंजूर किए गए हैं।

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