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Iran-Israel war: ईरान और इजराइल जंग के बीच कच्चा तेल लाने की भारत ने की पूरी तैयारी

By शिव मौर्या 
Updated Date

Iran-Israel war: पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका के बढ़ते युद्ध के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भारी खतरा मंडरा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट के कारण भारत ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने आसपास के समंदर में भारतीय नौसेना को तैनात कर दिया है ताकि इन जहाजों की आवाजाही प्रभावित न हो सके।

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पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के चलते पूरी दुनिया में इसका सबसे सीधा और घातक असर ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है। भारत इस युद्ध को ध्यान में रखते हुए भविष्य की इमरजेंसी हालातों के लिए भी तयारी कर रहा है। कुछ दिनों पहले भारतीय नौसेना उत्तर अरब सागर से भारतीय बंदरगाहों तक जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए दो टास्क फाॅर्स बनाया था।

अब भारतीय नौसेना ओमान की खाड़ी और उत्तर अरब सागर में और भी अधिक युद्धपोत तैनात कर रही है। भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट वेसल्स और लगभग सात नौसेना जहाजों की तैनाती कर रही है। इस तैनाती का मकसद एलपीजी और ईंधन की सुरक्षित आवाजाही और भविष्य में किसी भी तरह की तैनाती के लिए फारस की खाड़ी के पास मौजूद रहना भी है।

भारत की ऊर्जा जरूरतों का 45% हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद है जिससे यह सप्लाई लगभग रुकी हुई है और भारत के पास इसका कोई तत्कालिक विकल्प नहीं है। अब भारत के पास एक रास्ता ये है कि वो या तो पूरब से रूसी तेल खरीदे या फिर पश्चिम से वेनेजुएला और अमेरिका से समुद्री मार्ग के जरिये तेल और गैस ले। लेकिन इस विकल्प को अपनाने में बहुत अधिक खर्च आ सकता है जबकि खाड़ी से मिलने वाली ऊर्जा बहुत सस्ती होती है।

रिपोर्ट-सुशील कुमार शाह

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