नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ईरान के साथ संघर्ष को खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपने शीर्ष सलाहकारों को निर्देश दिया है। ट्रंप ने सलाहकारों से कहा कि सैन्य संघर्ष को आने वाले कुछ हफ्तों के भीतर ही समाप्त करने का रास्ता निकालें।
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इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका को अब सीधी धमकी दे डाली है। बता दें कि अमेरिकी सेना ईरान के अंदर घुसाने की तैयारी में है। इसी को लेकर ईरान ने यह धमकी दी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी नागरिकों को धमकाते हुए कहा कि अपने बच्चों मरने के लिए यहां मत भेजो।
आईआरजीसी की धमकी
आईआरजीसी ने अपने बयान में सीधे तौर पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे अपने नागरिकों को गुमराह कर रहे हैं और क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल रहे हैं। आईआरजीसी ने कहा कि नेतन्याहू और ट्रंप के बहकावे में आकर अपने बच्चों को नरक में मत भेजो। जो भी सैनिक ईरान में घुसपैठ करेगा, वह ईरानी जनता के लाखों लोगों के सागर में डूब जाएगा और गायब हो जाएगा।
अमेरिकी जनता को दिया सीधे संदेश
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आईआरजीसी ने एक असामान्य कदम उठाते हुए अमेरिकी जनता को सीधे संबोधित किया और दावा किया कि उन्हें युद्ध की वास्तविक स्थिति के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। बयान में कहा गया कि इस युद्ध की सच्चाई आपको अमेरिका के पेट्रोल पंपों पर, ईरान की सड़कों पर और तेल अवीव तथा हाइफा के आसमान में दिखाई देगी।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना भेजने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना की प्रतिष्ठित इकाई 82वीं एयरबोर्न डिवीजन (82nd Airborne Division) के कुछ हिस्सों, जिनमें कमांड यूनिट और जमीनी सैनिक शामिल हैं। इनको क्षेत्र में भेजा जा सकता है। इसके अलावा, अमेरिका ईरान के रणनीतिक तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर संभावित जमीनी अभियान पर भी विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह संघर्ष को हवाई और समुद्री हमलों से आगे बढ़ाकर सीधे जमीनी युद्ध में बदल सकता है।