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सुरक्षा कारणों से तुर्की की यूनिवर्सिटी के साथ JNU ने समझौता किया रद्द, बोला-देश के साथ हैं खड़े

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। पलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इसके बाद भारत और पाकिस्तान में युद्ध जैसे हालात बन गए। इन सबके बीच तुर्किए ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराया। ऐसे में अब देशभर में तुर्किए का विरोध शुरू हो गया है। अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। JNU ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है।

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JNU की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, “राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है। JNU राष्ट्र के साथ खड़ा है।”

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तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी।

 

 

 

 

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