डिजिटल, पर्दाफाश। झांसी में दिव्य दरबार लगाकर चर्चा में रहने वाला काली सरकार बाबा अब पुलिस के शिकंजे में है। प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज को रविवार को मऊरानीपुर क्षेत्र में संयुक्त पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वह हरदोई में दर्ज आपराधिक मामलों में अदालत से जारी वारंट के चलते लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली थी और संत के वेश में रहने लगा था।
पढ़ें :- UP रोडवेज बसों में बुजुर्ग महिलाओं को अब ETM से मिलेगा 'शून्य मूल्य' का टिकट, बीमा सुरक्षा का रास्ता साफ
हर शुक्रवार लगता था दरबार, पर्ची से बताता था भविष्य
पुलिस के मुताबिक प्रदीप शुक्ला ने झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव में काली सरकार के नाम से अपना दरबार शुरू किया था। यहां हर शुक्रवार आसपास के लोग जुटते थे। वह पर्ची निकालकर लोगों को उनका भविष्य बताता था। उसके दरबार में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की चर्चा थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबा के भक्त देश से ही नहीं विदेश से भी दरबार में पहुंचते थे।
उसकी पहचान सोशल मीडिया पर भी बनी हुई थी। इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअरस् है। वह सेना जैसी पोशाक पहनकर दरबार लगाता था और विभिन्न बीमारियों को ठीक करने का दावा भी करता था।
लूट और मारपीट के मामलों में था वांछित
पढ़ें :- बिस्तर पर ये बिल्ला बैठा तो मौत पक्की! ऑस्कर पर वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा
प्रदीप शुक्ला मूल रूप से हरदोई जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2014 में हरदोई में लूट से जुड़े एक मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद 2018 में उसके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज हुआ। इन मामलों में अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
संयुक्त टीम ने दबिश देकर पकड़ा
पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज करते हुए मऊरानीपुर पुलिस और हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम बनाई। रविवार को टीम ने कुरैंचा गांव में उसके ठिकाने पर कार्रवाई की और उसे हिरासत में ले लिया। सीओ रत्नेश्वर सिंह के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हरदोई पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब उसे संबंधित मामलों में अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
काली सरकार की गिरफ्तारी के बाद उसके बाबा के रूप में बिताए गए वर्षों और पुराने आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य आधार अदालत से जारी वारंट और उसके खिलाफ दर्ज मामले हैं।