Vande Mataram controversy : देश में राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम् गायन’ के सभी 6 छंद गाने गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। केंद्रीय अमित शाह ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के उस फैसले को देशविरोधी बताया है, जिसमें पार्टी ने अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाने का ऐलान किया है। अब इस विवाद में राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर हमला बोला है।
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कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि क्या BJP ने 1950 से किसी भी निजी या सरकारी कार्यक्रम में, नरेंद्र मोदी ने गुजरात का सीएम रहते या पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसके सभी पद गाए हैं? राज्यसभा सांसद ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘अमित शाह का बयान: वंदे मातरम के सिर्फ़ दो पद (स्टैंज़ा) गाने के CWC के फ़ैसले पर इसे “…राष्ट्र-विरोधी” बताया… मेरा सवाल: क्या: BJP ने 1950 से किसी भी निजी या सरकारी कार्यक्रम में इसके सभी पद गाए हैं? क्या गुजरात के CM रहते हुए मोदी जी ने ऐसा किया? क्या PM वाजपेयी ने ऐसा किया? तो क्या तब आप राष्ट्र-विरोधी थे? आपकी वोट-बैंक की राजनीति का पर्दाफ़ाश!’
Amit Shah on :
CWC decision on two-stanza Vande Mataram
Calls it “…anti-national”
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My question :
Did:
BJP in private or official functions sing all stanzas since 1950 ?
Modiji as Gujarat CM ?PM Vajpayee ?
You anti-national then ?
Exposing your vote-bank politics !
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— Kapil Sibal (@KapilSibal) August 21, 2026
मायावती ने जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की दी नसीहत
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया है यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘क्योंकि केन्द्र व राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान् सभी पार्टियाँ अपने राजनैतिक स्वार्थ/फ़ायदे के हिसाब से या फिर अपनी कमियों पर से जनता का ध्यान बाँटने के लिए यह सब करती रहती हैं अर्थात् एक-दूसरे के बने क़ानूनों को बदलती रहती हैं।’
1. देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया…
— Mayawati (@Mayawati) August 21, 2026
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बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा, ‘जबकि इस समय देश व जनहित के मुद्दों पर व ख़ासकर बेरोज़गार युवाओं व छात्र-छात्राओं ’जेन-जी’ व स्कूली बच्चे-बच्चियों की ’जी-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि के अनेकों और भी अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्र व सभी राज्य सरकारों को तथा साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देना चाहिये, यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे ज़रूरी माँग भी है।’