Karnataka portfolios Allocation : कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को कैबिनेट में एक दिन पहले शामिल किए गए 13 मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया। हालांकि, विभागों के इस बंटवारे से सत्ताधारी पार्टी के भीतर कुछ असंतोष पैदा हो गया। पोर्टफोलियो बंटवारे से नाराज़ कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वे कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे रहे हैं।
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रामलिंगा रेड्डी का कहना है कि उन्हें बेंगलुरु विकास का पोर्टफोलियो देने का वादा किया गया था। बेंगलुरु में रेड्डी ने कहा कि मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता, इसलिए मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं विधायक बना रहूंगा और कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दूंगा। बता दें कि कृष्णा बायरे गौडा को ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के तहत बेंगलुरु शहरी विकास का काम सौंपा गया है, जबकि कांग्रेस के सीनियर नेता रामलिंगा रेड्डी को बड़े और मध्यम पोर्टफोलियो दिए गए हैं।
बेंगलुरु के BTM लेआउट निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रामलिंगा रेड्डी, बेंगलुरु विकास विभाग का पोर्टफोलियो चाहते थे। पता चला है कि शिवकुमार यह विभाग ब्याटरायनपुरा के विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपने के इच्छुक थे। खबरों के मुताबिक, रेड्डी ने शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को 2023 में दिए गए उस आश्वासन की याद दिलाई, जिसमें कहा गया था कि भविष्य में कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्हें किसी विभाग (पोर्टफोलियो) की ज़िम्मेदारी देने पर विचार किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस वरिष्ठ नेता ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की।