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Karwa Chauth 2026 Puja Samagri : करवा चौथ व्रत पूजा में लगेगी ये सामग्री , अखंड सौभाग्य का प्रतीक मानकर तैयार करें वस्तुएं

By अनूप कुमार 
Updated Date

Karwa Chauth 2026 Puja Samagri : करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास महत्व रखता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना का प्रतीक है। यह त्योहार हिंदू धर्म में अटूट विश्वास और प्रेम का संदेश देता है।

पढ़ें :- Karwa Chauth 2026 : करवा चौथ व्रत में सरगी का खास महत्व है ,  तारीख, पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय

इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस व्रत में चौथ माता (माता पार्वती), भगवान शिव, गणेश जी और कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। माता पार्वती को अखंड सौभाग्य का प्रतीक मानकर उनसे सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मांगा जाता है।

करवा चौथ व्रत की संपूर्ण और विधि-विधान से पूजा करने के लिए पूजा थाली, मुख्य पूजन सामग्री, सोलह श्रृंगार और बायना (बाया) के लिए नीचे दी गई सामग्रियों की आवश्यकता होती है।

पूजा थाली की सामग्री
• रोली, कुमकुम, अक्षत (बिना टूटे साबुत चावल) और चंदन
• मौली या कलावा (कच्चा सूत)
• हल्दी और दूर्वा (घास)
• देसी घी का दीपक और रुई की बत्तियां
• धूपबत्ती, अगरबत्ती, कपूर और माचिस
• ताजे फूल और पुष्प माला
• दक्षिणा (कुछ पैसे)
• पान और सुपारी

मुख्य पूजन सामग्री (शाम की कथा के लिए)
• करवा माता का कैलेंडर या तस्वीर (जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी भी हों)
• मिट्टी या तांबे का टोंटीदार करवा और उसका ढक्कन
• करवे की सींकें (करवे की टोटी में लगाने के लिए 7 या 13 सींकें)
• लकड़ी की चौकी और उस पर बिछाने के लिए लाल या पीला कपड़ा
• करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक
• पानी का लोटा (तांबे या पीतल का)
• पीली मिट्टी (गौरी जी बनाने के लिए

चंद्र दर्शन और अर्घ्य की सामग्री
• पूजा की छलनी (चांद और पति का चेहरा देखने के लिए)
• छोटा दीपक (छलनी पर रखने के लिए)
• शुद्ध जल का पात्र
• व्रत खोलने के लिए मिठाई और पानी का गिलास

. माता पार्वती के लिए सुहाग / सोलह श्रृंगार सामग्री
• लाल चुनरी या वस्त्र
• सिंदूर, महावर (आलता) और लाल बिंदी
• लाल या हरी कांच की चूड़ियां
• मेहंदी (हाथों में लगाने के लिए)
• बिछिया, पायल और मंगलसूत्र
• काजल, लिपस्टिक, नेल पॉलिश, इत्र और कंघी

भोग और बायना (सास को देने के लिए)
• आठ पूरियों की अठावरी या हलवा
• मीठी मठरी या पुए
• सूखे मेवे (काजू, बादाम, किशमिश)
• ऋतु फल और मिठाई
• बायने के लिए नए वस्त्र, सुहाग का सामान और दक्षिणा

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