पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: कुशीनगर से रेस्क्यू कर नेपाल लाए गए 453 नेपाली नागरिकों के मामले में नया मोड़ आ गया है। भैरहवा (रूपन्देही) पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार के आरोप में 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जिला पुलिस कार्यालय रूपन्देही के कार्यवाहक सूचना अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक दिनेश बहादुर कुंवर के अनुसार, आरोपियों को दो समूहों में चिन्हित किया गया है और रूपन्देही जिला अदालत से उनकी हिरासत अवधि पांच दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, नेपाल के विभिन्न प्रांतों के युवाओं को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कुशीनगर बुलाया गया था। उनसे आवेदन पत्र और प्रशिक्षण के नाम पर 2,500 से 5,000 नेपाली रुपये तक वसूले गए। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों को कम वेतन पर काम कराया गया, जबकि अधिकांश को रोजगार का झांसा देकर वहां रोके रखा गया था।
गौरतलब है कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय पुलिस के संयुक्त अभियान में कुशीनगर से 453 नेपाली नागरिकों को मुक्त कराया गया था। रेस्क्यू के बाद सभी को बेलहिया सीमा के रास्ते रूपन्देही लाकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर 20 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 9 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि 11 लोगों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और नौकरी के नाम पर ठगी, मानव तस्करी तथा नेटवर्क संचालन में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।