पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: नौतनवा तहसील परिसर में लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध का माहौल मंगलवार को दूसरे दिन भी उग्र बना रहा। तहसील के रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया।
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अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “लखनऊ में अधिवक्ताओं पर बेवजह की गई बर्बर कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है। दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।”
इसी क्रम में संघ के उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद शुक्ला ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि “लखनऊ महानगर पालिका का अधिकारी हो या पुलिस—दोनों की लापरवाही और दुव्यर्वहार सामने है। फिर भी मुख्यमंत्री की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अधिवक्ता समाज को अपमानित किया जाना अत्यंत निंदनीय है।”
अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय व्यवस्था की रीढ़ अधिवक्ता होते हैं, और उन पर इस तरह की कार्रवाई असहनीय है। विरोध के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष साधु शर्मा मिश्रा, राजन कुमार सिंह, दीपेंद्र प्रजापति, अनिल कुमार शर्मा, जागरण विश्वकर्मा, शिवसागर मिश्रा, शत्रुघन यादव, वेदप्रकाश शुक्ला, वीरेंद्र पांडेय, अनिल कुमार, रामअजोर यादव, प्रभाकर विश्वकर्मा, हरिशंकर लाल श्रीवास्तव, अमरीश मोर्य, सुनील कुमार इमाम सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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अधिवक्ता समुदाय ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट