बच्ची सोमवार शाम घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने देर रात तक गांव में तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रात करीब 12 बजे बच्ची के बड़े चाचा ने घरवालों को बताया कि बच्ची का शव उनके घर के अंदर पड़ा है। परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया..
प्रयागराज: प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के व्योहरा गांव में 8 साल की मासूम जान्हवी चौधरी की हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। बच्ची का शव पड़ोस में बने भूसे के कमरे से खून से लथपथ हालत में मिला। आरोप है कि जान्हवी के नाबालिग चाचा ने अपनी मां गीता देवी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जान्हवी राजमिस्त्री सुनील कुमार चौधरी और इंदु देवी की बड़ी बेटी थी। परिवार में उसकी छोटी बहन मानवी, भाई सुमित और शुभ्यांशु भी हैं। सोमवार शाम करीब 6 बजे जान्हवी घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह अचानक गायब हो गई। परिवार और गांव वालों ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
रात करीब 12 बजे जान्हवी के बड़े चाचा करन ने सुनील के घर पहुंचकर बताया कि बच्ची का शव उनके घर के भूसे वाले कमरे में पड़ा है। जब जान्हवी के माता-पिता वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जब दूसरी बार मौके पर पहुंची और सख्ती दिखाई तो घर के अंदर भूसे के कमरे में जान्हवी का शव मिला। बच्ची की गर्दन हंसिया से रेती गई थी और उसके पेट व सीने पर कई वार किए गए थे। यह मंजर देखकर मां इंदु देवी बेहोश हो गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि 16 वर्षीय नाबालिग चाचा जान्हवी को अपने घर ले गया था। आरोप है कि वह बच्ची को आपत्तिजनक वीडियो दिखा रहा था। इसी दौरान उसकी मां गीता देवी वहां पहुंच गई। दोनों को डर था कि बच्ची कहीं यह बात किसी को न बता दे, इसलिए उसकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने बच्ची के चचेरे दादा मन्नीलाल, दादी गीता देवी, चाचा करन, शुभम और पट्टीदार श्याम बाबू को हिरासत में लिया है। वहीं मुख्य आरोपी नाबालिग चाचा फरार बताया जा रहा है। जान्हवी की दादी पूनम देवी ने रोते हुए कहा, “हमारी किसी से दुश्मनी नहीं थी, फिर भी मेरी बच्ची को इतनी बेरहमी से मार दिया गया।”