नई दिल्ली। हिजबुल्लाह के मुखिया हसन नसरल्लाह ( Hassan Nasrallah, head of Hezbollah) की मौत के बाद दुनिया की कई हस्तियां इस पर प्रतिक्रिया दी हैं। भारतीय सेना के चीफ उपेंद्र द्विवेदी (Indian Army Chief Upendra Diwedi) ने भी इजराइल की एयर स्ट्राइक (Israel Air Strike) की तारीफ करते हुए कहा कि यह एक मास्टर स्ट्रोक है। चाणक्य डिफेंस डायलॉग्स (Chanakya Defence Dialogues) के दौरान आर्मी चीफ ने कहा कि यह इजराइल की सालों पुरानी मेहनत का नतीजा था। इस हमले के पीछे इजराइल की कई सालों की कड़ी तैयारी थी।
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जनरल द्विवेदी ने कहा कि जिस दिन आप लड़ना शुरू करते हैं, लड़ाई उस दिन शुरू नहीं होती। लड़ाई प्लानिंग के साथ ही शुरू हो जाती है। इजराइल का मिलिट्री फोकस गाजा पट्टी से हटकर लेबनान से सटी उत्तरी सीमा पर है। हिजबुल्लाह पिछले काफी समय से यहां बमबारी कर रहा है। हिजबुल्लाह ने कई इजराइली शहरों को तबाह कर दिया था। ऐसे में इजराइल ने हिजबुल्लाह के ही टॉप कमांडर की हत्या कर दी।
इजराइल ने कुछ अलग करके दिखाया
जनरल द्विवेदी ने कहा कि इजराइल ने कुछ अलग करके दिखाया है। उन्होंने पहले तय किया कि हमास उनका पहला टारगेट होगा। उन्होंने हमास को लाचार कर दिया। अब उनका ध्यान हिजबुल्लाह पर है। यह इजराइल का मास्टर स्ट्रोक है।
इजराइल के 3 खुफिया एजेंट्स ने खोली पोल
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पिछले महीने हिजबुल्लाह ने पेजर्स और वॉकी टॉकी ब्लास्ट की मदद से लेबनान में जमकर बम बरसाए थे। इस हमले में 40 लोगों की मौत हो गई थी और 3000 से ज्यादा लोग घायल थे। इजराइल के 3 खुफिया एजेंट्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) को बताया कि पेजर्स और वॉकी टॉकी बनाने वाली कंपनी एक शेल कंपनी थी, जिसकी नींव मोसाद ने रखी थी। कई लोग इसे सप्लाई चेन हमला करार दे रहे हैं।
भारत को भी रहना होगा तैयार
जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर भारत के संदर्भ में पेजर अटैक को देखें तो हमें सप्लाई चेन में गड़बड़ी से बचना होगा। इस पर नजर रखनी होगी। हम विभिन्न स्तरों पर इसकी जांच करनी होगी, फिर चाहे वह तकनीकी स्तर हो या फिर मैनुअल। हमें यह पुख्ता करना होगा कि इस तरह की घटनाएं हमारे साथ नहीं हो।
लेबनान में कैसे हुए थे ब्लास्ट?
लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में पिछले महीने धड़ाधड़ पेजर्स में धमाके हुए थे। लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों विशेष रूप से पूर्वी बेका वैली में पेजर में सीरियल ब्लास्ट होने शुरू हुए थे। इन इलाकों को हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। इसके बाद लेबनान में वॉकी-टॉकी के अलावा सोलर पैनल और हैंड हेल्ड रेडियो में भी ब्लास्ट हुए थे। लेबनान के बेरूत समेत कई शहरों में घरों के सोलर सिस्टम में भी धमाके हुए थे।
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चीन बसा रहा आर्टिफिशियल गांव
इस बीच जब आर्मी चीफ से यह पूछा गया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन आर्टिफिशियल गांव बसा रहा है। तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चीन आर्टिफिशियल बस्तियां बसा रहा है।कोई बात नहीं। वह उनके देश में चाहे जो करें, लेकिन हम साउथ चाइन सी में जो देखते हैं और ग्रे जोन की बात करते हैं तो शुरुआत में हमें मछुआरे और ऐसे लोग मिलते हैं, जो सबसे आगे रहते हैं। इसके बाद हम देखते हैं कि उन्हें बचाने के लिए सेना आगे बढ़ती दिखती है।
आर्मी चीफ ने मॉडल विलेज को लेकर कहा कि हमारे यहां पहले से ही इस तरह के मॉडल विलेज बनते आ रहे हैं। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि अब राज्य सरकारों को भी संसाधन लगाने का अधिकार दिया गया है। अब समय आ गया है कि सेना, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार की निगरानी सब एक साथ जारी है। इसलिए अब जो मॉडल विलेज बन रहे हैं, वे और भी बेहतर होंगे।