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लखनऊ की मेयर सुषमा खरकवाल ने अखिलेश यादव की मां पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, सपा प्रमुख बोले- ‘नारी होकर न करें नारी का अपमान’

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। देश में महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) और परिसीमन के मुद्दे पर शुरू हुई सत्तापक्ष व विपक्ष की राजनीतिक बहस अब व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गई है। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल (Lucknow Mayor Sushma Kharkwal) ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की दिवंगत माताजी को लेकर शर्मनाक बयान दिया है। इस बयान पर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बेहद तीखी और भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष में एक महिला द्वारा दूसरी महिला का अपमान करना नैतिक रूप से पूरी तरह गलत है।

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क्या था मेयर सुषमा खर्कवाल का बयान?

महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) और परिसीमन पर विपक्ष के रुख की आलोचना करते हुए लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल (Lucknow Mayor Sushma Kharkwal) ने सीधे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav  पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उस महिला का अपमान किया है जिनकी कोख से उन्होंने जन्म लिया है। उन्होंने उस बहन की उंगली का अपमान किया जिसे पकड़कर वे चलना सीखे और उस बेटी का अपमान किया जिसका चेहरा देखकर थकान दूर होती थी। मेयर का तर्क था कि विपक्ष द्वारा आरक्षण का विरोध करना प्रत्यक्ष रूप से मातृशक्ति का अपमान है।

अखिलेश यादव का लखनऊ की मेयर सुषमा खरकवाल को खुला पत्र: ‘सादर, आपका भाई अखिलेश’

आदरणीय सुषमा खरकवाल जी,

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भारतीय जनता पार्टी मेयर,

लखनऊ

आप कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरीवश मेरी दिवंगत माँ का नाम लेकर एक महिला के रूप में एक अन्य महिला का अपमान न करें। नारी के सम्मान में आपसे बस इतना आग्रह है। यदि आपके घर में कोई बड़े-बुजुर्ग हों या बच्चे तो उनसे पूछ लीजिए कि आपका ये अति निंदनीय द्वेषपूर्ण बयान उचित है या नहीं। बाक़ी आप स्वयं एक महिला हैं। महिला ही जब महिला का अपमान करेगी तो कौन आपको नैतिक रूप से सही कहेगा। भारतीय समाज में कभी भी, किसी की भी माँ का अपमान स्वीकार्य नहीं है। आपका राजनीतिक भविष्य उज्ज्वल होता अगर आप उसे नैतिक मानकों पर इतना नीचे न ले जातीं, आज आपके समर्थक भी शर्मिंदा हैं। जिनको प्रभावित करने के लिए आप अपना स्तर गिरा रही हैं, वो किसी के भी सगे नहीं हैं। आप अपना स्तर बनाए रखें और संतुलन भी। मैं आपसे किसी क्षमा की भी अपेक्षा नहीं रखता हूँ और न ही ऐसा कहने के बाद क्षमा के कोई मायने रह जाते हैं। आपका अकेले में बैठकर जो पछतावा होगा, हमारे लिए इतना ही बहुत है।

सादर

आपका भाई

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अखिलेश

नैतिकता और राजनीति का टकराव

सपा प्रमुख ने अपने संदेश में यह भी कहा कि इस तरह के बयानों से मेयर के अपने समर्थक भी शर्मिंदा महसूस कर रहे होंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में स्तर और संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है, विशेषकर जब बात किसी ऐसे व्यक्ति की हो जो अब इस दुनिया में नहीं है।

बीजेपी पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने पत्र में यह भी संकेत दिया कि मेयर जिन लोगों (भाजपा शीर्ष नेतृत्व) को प्रभावित करने के लिए अपना स्तर गिरा रही हैं, वे किसी के भी सगे नहीं हैं। उन्होंने मेयर को अपना संतुलन और स्तर बनाए रखने की सलाह दी।

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