लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि भाजपाइयों का लक्ष्य ऊपर वाला झूठा पोस्टर लगाना नहीं था, बल्कि नीचे वाले प्रभु राम के पोस्टर को छिपाना था, क्योंकि अब जब भी कोई भगवान राम का चित्र देखता है तो उसे भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों द्वारा अयोध्या के रामलला के मंदिर में की गई चोरी की याद आती है, जिससे भाजपाई गिरोह के ख़िलाफ़ जनाक्रोश और भी अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि याद रहे इसी ‘भाजपाई गिरोह’ ने लखनऊ में रामचरितमानस पर भी लाठी चलवाई थी।
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भाजपाइयों का लक्ष्य ऊपरवाला झूठा पोस्टर लगाना नहीं था बल्कि नीचे वाले प्रभु राम के पोस्टर को छिपाना था क्योंकि अब जब भी कोई भगवान राम का चित्र देखता है तो उसे भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों द्वारा अयोध्या के रामलला के मंदिर में की गई चोरी की याद आती है, जिससे भाजपाई गिरोह के ख़िलाफ़ जनाक्रोश और भी अधिक बढ़ जाता है।
याद रहे इसी ‘भाजपाई गिरोह’ ने लखनऊ में रामचरितमानस पर भी लाठी चलवाई थी।
भाजपा को डर है कि कहीं इस बार रावण के साथ-साथ, ‘राम मंदिर चोरी’ से आहत कहीं कोई आस्थावान श्रद्धालु ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के त्रिदानवों का पुतला न फूंक दे।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 18, 2026
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अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को डर है कि कहीं इस बार रावण के साथ-साथ, ‘राम मंदिर चोरी’ से आहत कहीं कोई आस्थावान श्रद्धालु ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के त्रिदानवों का पुतला न फूंक दे।