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अखिलेश यादव, बोले-महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद, लोगों से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील

By santosh singh 
Updated Date

प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के शाही स्नान के दौरान हुई भगदड़ ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा कि “महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक चिकित्सा सुविधा और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जानी चाहिए।

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)  ने हमारी सरकार से अपील है कि गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए। मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं। हेलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए। यादव ने कहा कि सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि हमारी श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे। हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।

महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह हादसा प्रशासनिक चूक का नतीजा था या फिर भीड़ का अचानक बेकाबू हो जाना इस त्रासदी का कारण बना? इसकी गहन जांच की जरूरत है।

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