प्रयागराज। यूपी के प्रयागराज में आयोजित होने महाकुंभ-2025 के लिए रविवार को महाकुंभ नगर जिला (Mahakumbh Nagar District) घोषित कर दिया गया है। यह अस्थायी जिला चार माह के लिए बनाया गया है। प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ (District Magistrate, Prayagraj Ravindra Kumar Mandhad) ने इस अस्थायी जिले के लिए अधिसूचना जारी कर दी। यह पूरी तरह से संपूर्ण जिला की ही तरह कार्य करेगा। इसमें भी डीएम, एसएसपी समेत सभी विभागों के पद सृजित किए गए हैं।
पढ़ें :- Tamil Nadu Election 2026 : मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, बोले- 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल क्यों नहीं लागू किया?
महाकुंभ नगर के डीएम को सभी प्रकार की शक्तियां और अधिकार प्रदत्त किए गए हैं। एक दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक के लिए बनाया गया महाकुंभ नगर का क्षेत्रफल लगभग छह हजार हेक्टेयर है। इसमें चार तहसीलों सदर, सोरांव, फूलपुर व करछना के 67 गांवों को शामिल किया गया है।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के शाही स्नान पर्व पर लगभग छह करोड़ श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है, जबकि वसंत पंचमी शाही स्नान पर्व पर चार करोड़ और मकर संक्रांति शाही स्नान पर्व पर लगभग ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। पूरे महाकुंभ के दौरान यहां 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का अनुमान है, जिसके अनुसार ही सभी प्रबंध भी किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी, प्रयागराज रविंद्र कुमार मांदड़ (District Magistrate, Prayagraj Ravindra Kumar Mandhad) ने बताया कि महाकुंभ नगर की सीमा तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, जिस पर सरकार की स्वीकृति मिलने पर नए जिले की अधिसूचना एक दिसंबर को जारी कर दी गई। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
नए जिले में विजय किरन डीएम और राजेश द्विवेदी होंगे एसएसपी
पढ़ें :- अभिनेता पवन क्लयाण के सेहत को लेकर चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पर दिया अपडेट, पीएम ने लिया हालचाल
नए जिले में विजय किरन आनंद डीएम (DM Vijay Kiran Anand) और राजेश द्विवेदी एसएसपी (Rajesh Dwivedi SSP) हैं। महाकुंभ नगर के जिला कलेक्टर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी व अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट तथा उक्त संहिता के अधीन संप्रति (इन फोर्स) किसी अन्य कानून के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट के सभी अधिकार प्राप्त हैं।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006, उत्तर प्रदेश राजस्व सहंति संशोधन अधिनियम 2016 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कलेक्टर के सभी अधिकारों का उपयोग करने और कलेक्टर के समस्त कार्य करने के अधिकार दे दिए गए हैं।
4 तहसीलों के 67 गांव नए जिले में शामिल
महाकुंभ मेला जनपद में प्रयागराज के तहसील सदर, सोरांव, फूलपुर और करछना को शामिल किया गया है। महाकुंभ मेला जनपद में पूरे परेड क्षेत्र और इन 4 तहसीलों के 67 गांवों को जोड़ा गया है। अधिसूचना के मुताबिक तहसील सदर के 25 गांव, तहसील सोरांव के तीन गांव, तहसील फूलपुर के 20 गांव और करछना तहसील के 19 गांव शामिल किए गए हैं।
पढ़ें :- अखिलेश को क्या चाय पिलाई? खाद्य सुरक्षा विभाग ने मारी रेड, अब सपा प्रमुख ने चाय वाले को दिए पीतल के बर्तन, कसा ये तंज
जानें कैसे बनता है अस्थायी जिला?
जिला बनाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास होता है। नया जिला बनाने के लिए सरकार को आधिकारिक राजपत्र पर अधिसूचना जारी करनी होती है। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यकारी आदेश दे सकते हैं या फिर इसके लिए विधानसभा में कानून पारित करके नया जिला बनाया जा सकता है। इसके अलावा राज्य सरकार जिले का नाम बदल सकती है और किसी जिले का दर्जा भी खत्म कर सकती है। हालांकि जो महाकुंभ मेला जनपद बनाया गया है, वो अस्थायी है। उसे प्रयागराज की सीमाओं के अंतर्गत आने वाले इलाकों को ही जोड़कर बनाया गया है। इसके लिए उसी जिले के डीएम की ओर से अधिसूचना जारी की जाती है। बता दें कि महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा। इस महाकुंभ के दौरान कुल छह शाही स्नान होंगे। कहा जा रहा है कि इस महाकुंभ में देश-विदेश के 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे।