वाराणसी नगर निगम (Varanasi Municipal Corporation) की सदन बैठक में शहर के भीतर संचालित मीट और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की योजना को मंजूरी दे दी गई है। टाउनहॉल में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
वाराणसी : वाराणसी नगर निगम (Varanasi Municipal Corporation) की सदन बैठक में शहर के भीतर संचालित मीट और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की योजना को मंजूरी दे दी गई है। टाउनहॉल में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
शहर की सीमा के बाहर बनाए जाएंगे आधुनिक मीट और मछली बाजार
नगर निगम (Municipal Corporation) की योजना के तहत शहर की सीमा के बाहर व्यवस्थित मीट मार्केट विकसित किए जाएंगे, जहां मीट, मांस और मछली की दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रथम चरण में रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त मीट बाजार विकसित किए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने सदन के सामने रखा योजना का पूरा खाका
ठक में नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) ने सदन के समक्ष पूरी योजना का खाका प्रस्तुत किया। अधिकारियों के अनुसार, शहर के चारों ओर अलग-अलग स्थानों पर मीट मार्केट विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर के भीतर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी और यातायात जाम की समस्या में भी कमी आएगी।
स्वच्छता और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए लिया फैसला
नगर निगम (Municipal Corporation) का मानना है कि इस कदम से शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही मीट कारोबारियों को भी एक व्यवस्थित और सुविधाजनक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। अब टाउनहॉल में हुई सदन की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन पांच स्थानों पर होगी दुकानों की शिफ्टिंग
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जानकारी दी कि योजना के पहले चरण में शहर की बाहरी सीमा के पास पांच स्थानों को चिह्नित किया गया है। इनमें रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर शामिल हैं। अब आगे से केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों पर ही मीट और मछली की बिक्री की अनुमति होगी। शहर के अन्य हिस्सों में इस प्रकार की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पार्षदों ने भी उठाया मुद्दा, रोजगार पर जताई चिंता
सदन की बैठक में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से इस तरह का प्रस्ताव लंबित था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों और खासकर सावन के दौरान दुकानें बंद होने से छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होती है। इस पर नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि सभी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए बाहरी इलाकों में जगह चिन्हित कर ली गई है और जल्द ही इस योजना को धरातल पर लागू किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस कदम से शहर की व्यवस्था, धार्मिक माहौल और व्यापार तीनों में संतुलन बना रहेगा।