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Makar Sankranti Mantra Jaap : मकर संक्रांति के दिन करें इन मंत्रों का जाप,सूर्य उपासना का मिलता  है विशेष फल

By अनूप कुमार 
Updated Date

Makar Sankranti Mantra Jaap : मकर संक्रांति के दिन सूर्य की उपासना और दान देने का महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य नवग्रहों में राजा है। सूर्य आत्मा का करक है। ज्योतिष ग्रंथों में के अनुसार, सूर्य उपासना से आत्मबल बढ़ता है। मकर संक्रांति के दिन के दिन पवित्र नदियों में स्नान के बाद सूर्य को अघ्र्य देने की परंपरा है। सूर्य को जल देने क बाद मंत्रों द्वारा सूर्य की उपासना का विशेष फल मिलता है।

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य उपासना का बहुत बड़ा फल है। इस दिन सूर्य देव के मंत्रों का जाप करके प्रसन्न किया जा सकता है।

सूर्यदेव के मंत्र 

ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा.
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
ॐ सूर्याय नम:
ॐ घृणि सूर्याय नम:

इस दिन भगवान सूर्य के ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र के जाप से तेज बल बढ़ता है। इसके अलावा ‘ॐ आदित्याय नमः’ मंत्र के जाप से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ता है। वहीं धन ऐश्वर्य के लिए इस दिन ‘ॐ भास्कराय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए।

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तिल-गुड़ का  दान
मकर संक्रांति पर तिल और तेल के दान को पापनाशक माना गया है। ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति पर तिल से सूर्यदेव की पूजा करने पर आरोग्य सुख में वृद्धि और तिल के दान से शनि संबंधी सभी दोष दूर होते हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती र्है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन दिया दान अगले जन्म में करोड़ों गुना बड़ा मिलता है। इस दिन तिल का उबटन लगाकर तिल मिश्रित जल से स्नान करना भी शुभ माना गया है। मकर संक्रांति के दिन तिल-गुड़ का न सिर्फ दान बल्कि प्रसाद के रूप में सेवन करने का भी महत्व है।

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