ग्रह मंडल के राजा सूर्य देव को आत्मा का कारक भी कहा जाता है। सूर्य देव के प्रभसव से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है। ज्योतिष में सूर्य को पिता, सफलता और प्रतिष्ठा का करक ग्रह माना जाता है। सूर्य देव का गोचर होने वाला है।
Surya Gochar 2026 : ग्रह मंडल के राजा सूर्य देव को आत्मा का कारक भी कहा जाता है। सूर्य देव के प्रभसव से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है। ज्योतिष में सूर्य को पिता, सफलता और प्रतिष्ठा का करक ग्रह माना जाता है। सूर्य देव का गोचर होने वाला है।
सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 17 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 7:50 से 8:00 बजे के बीच सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या (Virgo) में गोचर करने जा रहे हैं। इस ज्योतिषीय घटना को ‘कन्या संक्रांति’ भी कहा जाता है। सूर्य इस राशि में अगले एक महीने यानी 17 अक्टूबर 2026 तक विराजमान रहेंगे।
मेष राशि
मेष राशि के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होगा। छात्रों को पढ़ाई में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि, छोटी यात्राएं आपके लिए अच्छे परिणाम लेकर आ सकती हैं। रोजाना ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
कन्या
यह गोचर इसी राशि में हो रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
धनु
नौकरी और बिजनेस में नए और बेहतरीन अवसर हाथ लग सकते हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के अष्टम भाव में सूर्य का प्रवेश होगा. इसके कारण कार्यक्षेत्र और करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोग इस अवधि में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। जोखिम भरे फैसलों से बचना बेहतर रहेगा।