वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद और नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है। ज्योतिष में सूर्य गोचर (Surya Gochar) का अर्थ है सूर्य का एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करना।
Surya Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद और नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है। ज्योतिष में सूर्य गोचर (Surya Gochar) का अर्थ है सूर्य का एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करना। सूर्य हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग देखने को मिलता है।
सितंबर माह में सूर्यदेव एक बार फिर राशि बदलने जा रहे हैं। 17 सितंबर 2026 को सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, 17 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य का यह गोचर कुछ राशियों के लिए करियर, नौकरी और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर लेकर आ सकता है।
कन्या राशि
सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि का स्वामी बुध है, जिसे बुद्धि, तर्क, व्यापार और गणना का कारक माना जाता है। अवधि में कामकाज में योजना बनाकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण रहेगा। नई जिम्मेदारियां हासिल करने का अवसर मिल सकता है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ा सकती हैं, लेकिन इसके साथ अपनी क्षमता दिखाने के मौके भी मिलेंगे। रुके किसी काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को भी कोई नया विकल्प मिल सकता है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को सूर्य के गोचर से अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। नौकरी में पद, जिम्मेदारी या भूमिका में बदलाव के संकेत हैं। आमदनी के साथ खर्चों को भी संतुलित रखना आपके लिए बेहतर रहेगा।