INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठी कांग्रेस महासचिव व वायनाड से लोकसभा सासंद प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने हटाने का प्रयास किया।
नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक (INDIA Bloc) के विरोध मार्च के दौरान मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठी कांग्रेस महासचिव व वायनाड से लोकसभा सासंद प्रियंका गांधी वाड्रा (Lok Sabha MP Priyanka Gandhi Vadra) के सामने पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के अधिकारी ने हटाने का प्रयास किया। इससे आग बबूला प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) खुद आगे बढ़ते हुए न केवल पार्टी कार्यकर्ता का बचाव किया बल्कि खुद पुलिस अधिकारी के सामने खड़ी नजर आती हैं। इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi, Leader of the Opposition in the Lok Sabha) खुद उठकर आए और अपने कार्यकर्ता का बचाव किया। वायरल वीडियो में उनके और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देती है। इसके बाद प्रियंका गांधी पार्टी कार्यकर्ता अपने पास ले जाकर बैठाती हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स अब प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के अवतार के खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोग कह रहे रहे हैं ऐसा नेता होना चाहिए। जो अपने कार्यकर्ता के बचाव में ढ़ाल बनकर खड़ा हो जाए।
कार्यकर्ता को पुलिस ने रोका तो प्रियंका गांधी में सुरक्षाकर्मी को धक्का मारा फिर ख़ुद उनके सामने खड़ी हो गईं, वीडियो देखिए https://t.co/M8DVsCgRZk
— Shweta Rai (Vistaar News) (@Shwetaraiii) October 6, 2026
विपक्षी सांसदों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने निर्वाचन आयोग की ओर बढ़ने से रोक दिया है। संसद से निर्वाचन आयोग की ओर निकले मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को भी कुछ समय के लिए पुलिस वाहन में ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर था। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।