Manipur Violence : मणिपुर के सेनापति जिले (Senapati District) में असम राइफल्स (Assam Rifles) के एक कैंप पर मंगलवार रात हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ ने कैंप पर पथराव किया, तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। यह घटना उस तलाशी अभियान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसे असम राइफल्स (Assam Rifles) ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया था। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, असम राइफल्स (Assam Rifles) को सूचना मिली थी कि माकुइलोंगदी इलाके में हथियारबंद उग्रवादी मौजूद हैं। यह स्थान एनएससीएन (IM) के ओकलोंग स्थित निर्धारित कैंप से करीब दो किलोमीटर पश्चिम में है। इसी सूचना के आधार पर इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया गया।
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#Breaking : Violence Erupts in Senapati, Manipur After Ukhrul Ambush Arrests
Three suspects linked to the July 6 ambush on an Assam Rifles convoy in Ukhrul, which killed Warrant Officer Balwant Singh and Havildar CM Singh, were arrested on July 14. In response, Tangkhul-led… pic.twitter.com/FurilNq7nM
— Thepagetoday (@thepagetody) July 15, 2026
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संघर्षविराम नियमों के उल्लंघन की सूचना
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (Ceasefire) के नियमों का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (CFMG) को भी औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी।
ग्रामीणों ने रोका तलाशी अभियान
वहीं, तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स (Assam Rifles) की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तब स्थानीय लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
रात में कैंप पर हमला
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अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान से वापस लौट आई। इसके बावजूद रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ आगजनी की भी कोशिश की।
तीन वाहन क्षतिग्रस्त, एक नागरिक की कार भी जली
हिंसा के दौरान असम राइफल्स (Assam Rifles) के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई। इसके अलावा दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।
पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स (Assam Rifles) ने मणिपुर पुलिस (Manipur Police) के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।